गोंडा: यूपी की योगी सरकार जीरो टॉलरेंस नीति को अपनाकर भष्ट्राचार खत्म करने का बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन गोंडा में लोक निर्माण विभाग के कुछ अधिकारी और ठेकेदार मिलकर सड़क निर्माण में खेल कर सरकार के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं |आपने कई सड़कें देखी होंगी जो कुछ दिनों बाद खराब होती हैं या गड्ढे होते हैं| लेकिन हम आपको ऐसी सड़क दिखाने जा रहे हैं, जिसको देखकर आपके होश उड़ जाएंगे और आप इसी से अंदाजा लगाएंगे | इस सड़क निर्माण में कितनी अनियमितता हुई है|
150 लाख रुपये की लागत से बने 3.2 किलोमीटर सड़क पुरे मानकों को दरकिनार कर बनाया गया है| पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार व कुछ अधिकारी मिलकर सड़क निर्माण के नाम पर खेल कर रहे हैं, इन सड़क के दावों की पोल उस समय खुल गई जब ग्रामीणों ने सड़क को अपने हाथों से ही उखाड़ दिया| स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर कर पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से भी की है।
आपको बता दें कि यह पूरा मामला गोंडा जिले के छपिया ब्लाक का है जहां पर प्रांतीय खण्ड लोक निर्माण विभाग द्वारा गायघाट से लेकर घनश्यामपुर मार्ग तक सड़क मानकों को दरकिनार कर बनाई गई थी और सड़क को लोगों ने हाथों से उखाड़ दिया जब सड़क हाथ से उखड़ जाएगी तो कितनी अच्छी सड़क बनी होगी इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं।
इस पूरे मामले पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कुछ सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन देवमणि का कहना है की वीडियो देखने के बाद वहां पर जांच के लिये भेजा गया है और इसमें कहीं ना कहीं जो मजदूर काम कर रहे हैं उनकी गलती है बिना साफ-सफाई के ही सड़क बनाया गया है ठेकेदार को चेतावनी जारी कर दी गई है।
लेकिन एक्सईएन को शायद यह नहीं पता कि आखिरकार सड़क बनते ही सड़क पर घास कैसे उग गए अगर घास पहले से उगी हुई थी तो उस पर सड़क निर्माण बिना सफाई के क्यों हो रहा है।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव