गोंडा: जहां इस समय पूरे देश में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से ज्यादातर लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं और 15 मई तक के सभी सरकारी कार्यालय से लेकर प्राइवेट कार्यालय बंद पड़े हैं| इस समय शादी विवाह का मुहूर्त चल रहा है लेकिन गोंडा के थाना वजीरगंज क्षेत्र से एक अनूठी शादी का मामला सामने आया है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है|
यह वीडियो 27 अप्रैल का बताया जा रहा है | 27 अप्रैल को शादी की तिथि तय थी और इस कोरोना संक्रमण के प्रभाव को देखते हुए दोनों पक्ष के लोगों ने निर्णय कर शादी को मंदिर में संपन्न करा दिया, जिसमें बस केवल गिनती के ही लोग रहे| पूरा मामला थाना वजीरगंज क्षेत्र के ढोढ़िया पारा गांव है। इस अनोखी शादी में दहेज का लेनदेन भी नहीं हुआ और सकुशल शादी संपन्न होने से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ढोढ़िया पारा निवासी भगवानदत्त के बेटे मोनू की शादी काफी पहले पड़ोसी गांव सहिबापुर निवासी स्व0 नाथूराम चौहान की बेटी रेशमी चौहान से तय थी। भगवानदत्त के करीबी अचलपुर गांव निवासी राजगीर बहादुर चौहान ने यह शादी तय कराई थी। शादी की तिथि 27 अप्रैल को मुकर्र थी।
कोरोना काल में दोनों परिवारों को लगा कि शादी की तिथि बदलनी पड़ेगी। इस बीच राजगीर बहादुर चौहान ने पहल की तो धुन के पक्के भगवानदत्त ने तय किया कि शादी तय तिथि पर ही होगी। राजगीर बहादुर चौहान ने कहा कि शादी की रस्म वह वजीरगंज थाने के बगल मां दुर्गा मंदिर पर संपन्न कराएंगे। उनका यह व्रत सोमवार शाम को पूरा हुआ। भगवानदत्त बतौर बाराती अपने बेटे मोनू के साथ सोमवार शाम मां दुर्गा मंदिर पहुंच गये।
यहां रेशमी अपनी मां कृष्णावती और भाई सुनील के साथ पहले ही पहुंच गई थी। राजगीर बहादुर चौहान ने मां दुर्गा मंदिर के पुजारी अजय कुमार को दोपहर मे ही बुला लिया था। यज्ञ कुंड तैयार था। थाल में पूजा की सामग्री सजा दी गई थी। शाम को विधि-विधान से शादी की रस्म पूरी कराई गई। मोनू और रेशमी ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई और जनम-जनम के वंधन में वंध गये। इसके बाद राजगीर बहादुर ने सभी को मिठाई खिलाकर पानी पिलाया, और फिर दुल्हन की ससुराल के लिए विदाई हुई।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव