नई दिल्ली: कोरोना के बढ़ते संक्रमण और मद्रास हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद चुनाव आयोग अब मतगणना और जीत पर होने वाले जश्न को लेकर काफी सख्त हो गया है। देश में कोरोना महामारी के बीच दो मई को होने वाली मतगणना के पहले आयोग ने सख्त आदेश जारी करते हुए कहा कि उम्मीदवारों और उनके एजेंटों के लिए मतगणना केंद्रों में प्रवेश करने के पहले आरटी-पीसीआर परीक्षण रिपोर्ट या पूर्ण टीकाकरण रिपोर्ट(complete vaccination reports) दिखाना अनिवार्य है। बिना रिपोर्ट के उम्मीदवारों व एजेंटों को मतगणना केंद्रों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने बुधवार को कहा ,''मतगणना वाले दिन उम्मीदवारों और उनके एजेंट्स के लिए मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए निगेटिव आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट या पूर्ण टीकाकरण रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा। कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट या दो वैक्सीन खुराक के बिना मतगणना केंद्रों के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी|
निर्वाचन आयोग की तरफ से मतगणना वाले दिन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनके मुताबिक किसी भी प्रत्याशी या उसके एजेंटों को कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट दिखाए बिना उन सभागारों में प्रवेश नहीं मिलेगा जहां मतगणना की जा रही होगी।
बुधवार को जारी इन दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि प्रत्याशी या उनके एजेंट जिन्हें कोविड-19 टीके की दोनों खुराकें लग चुकी हैं वे भी दो मई को मतगणना कक्षों में प्रवेश कर सकते हैं। बता दें कि दो मई को असम, पश्चिम बंगाल, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों के लिए वोटों की गिनती होनी है।
नए दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि गिनती की प्रक्रिया के दौरान मतगणना केंद्रों के बाहर किसी तरह की जनसभा की अनुमति नहीं होगी। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि किसी भी प्रत्याशी या एजेंट को आरटी-पीसीआर जांच कराए बिना या कोविड-19 रोधी टीके की दो खुराकें लिए बिना मतगणना सभागार में प्रवेश नहीं मिलेगा।
उनको गिनती शुरू होने से 48 घंटे पहले तक की निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट या आरएटी रिपोर्ट या फिर टीकाकरण रिपोर्ट दिखानी होगी। मगतणना दो मई को सुबह आठ बजे से शुरू होगी।