खबर उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से है जहां गोंडा जिले अच्छे कामों में जाना जाता है तो वही अब बड़े बड़े क्राइम में भी अब गोंडा का नाम आने लगा जी हां पूरा मामला गोंडा जिले के थाना परसपुर क्षेत्र का है जहां पर आज नागालैंड पुलिस और गोंडा पुलिस की सहयोग से अन्तर्राज्यीय एटीएम हैकर गैंग का खुलासा हुआ है। एटीएम के खुलासे तो इससे पहले बहुत हुए लेकिन यह एक नया तरीका है एटीएम से पैसा निकालते समय मनी विंडो के शटर को हाथ से रोक लेते हैं और कुछ देर रुकने के बाद ऑटोमेटिक ट्रांजैक्शन फेल बैंक में दिखाई देने लगता है|
इस प्रकार बैंक उस खाते में दोबारा पैसे खाते से कटी हुई राशि डाल देता है| इस तरह से यह लोग एक चेन बनाते हैं जिसमें लोगों को जोड़ते हैं इस स्कीम के तहत और उनसे यह कहते हैं अपना एटीएम कार्ड और पिन दे दो आपको बैठे-बिठाए ₹5000 दिया जाएगा |
इस ग्रुप के मास्टरमाइंड उस एटीएम धारक के खाते में अपने पास से पैसा डालते हैं और एटीएम से निकालते हैं एटीएम से पैसा निकल जाता है और एटीएम मशीन के मनी विंडो के सटर को रोककर पैसा निकालते हैं जिससे ट्रांजैक्शन फेल दिखाता है बैंक में और बैंक वाले दोबारा उस खाते में उतनी राशि डाल देते हैं इस तरह से इस ग्रुप में काम करने वाले लोगों को लाखों लाख रुपए महीने की इनकम हो रही थी बैंक के कंप्लेंट पर नागालैंड पुलिस ने एक्शन लिया और आखिरकार उसकी जड़ गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र में मिली जिसको आज गोंडा पुलिस और नागालैंड पुलिस के द्वारा खुलासा किया गया और 2 अपराधियों को पकड़ कर नागालैंड जेल में डालने की कार्रवाई हो रही है।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया,'नागालैंड पुलिस व अन्य राज्यों की पुलिस द्वारा सूचना प्राप्त हुई थी कि कई राज्यों में एटीएम मशीनों में छेड़छाड़ कर बैंकों से धोखाधड़ी कर पैसा निकालने वाले अन्तर्राज्यीय गैग गोण्डा जनपद में सक्रीय है। इस सूचना पर पुलिस अधीक्षक गोण्डा संतोष कुमार मिश्रा ने समस्त प्रभारी निरीक्षक/ थानाध्यक्षों व एसओजी/सर्विलांस टीम को इस गैग के बारे में तत्काल जानकारी कर उनकी गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए थे। जिसके तहत थाना परसपुर पुलिस व एसओजी/सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता मिली है।
थाना परसपुर पुलिस व एसओजी/सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने एटीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ कर बैकों से धोखाधड़ी कर पैसा निकालने वाले 02 अन्तर्राज्यीय शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से विभिन्न बैंको के 13 एटीएम कार्ड, 01 कूटरचित पहचान पत्र, 01 आधार कार्ड, विभिन्न जालसाजी घटनाओं से प्राप्त 25 हजार रुपये नगद बरामद हुए। पकड़े गए इन जालसाजों द्वारा जनपद गोण्डा के अलावा भी लखनऊ तथा अन्य राज्यों कलकत्ता (बंगाल), असम, नागालैण्ड आदि स्थानों पर अपने अन्य साथियो के साथ मिलकर एटीएम मशीन में छेड़छाड़ कर विभिन्न बैको के साथ धोखाधड़ी कर लाखों रुपया निकालने की घटनाओं को अंजाम दिया है। अभियुक्तगणों का एक साथी विक्की उर्फ ज्ञानेन्द्र सिंह को दीमापुर (नागालैंड) पुलिस द्वारा गिरफ्तार भी किया गया है।
अपराध करने का तरीका:
कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने बताया कि हम लोग फर्जी दस्तावेजो के माध्यम से विभिन्न बैकों मे अपने तथा अपने साथियो के खाते खुलवाकर संबंधित बैक का एटीएम प्राप्त कर फिर उस खाते में कुछ पैसा जमा करा देते थे। फिर उसी पैसे को निकालने के दौरान एटीएम मशीन में निकासी वाले स्थान पर अंगुली लगाकर स्लाइड को होल्ड कर देते है। जिससे पैसा तो तत्काल निकल आता है परन्तु संबंधित बैंक को रिवर्स ट्रांसिक्शन का मैसेज पहँच जाता है। जिसका फायदा उठाकर हम लोग संबंधित बैकों में शिकायत दर्ज कराकर पुनः पैसा प्राप्त कर लेते थे। इस जालसाजी में इस्तेमाल किए जाने वाले एटीएम कार्ड पीएनबी बैंक मिनी शाखा दुरौनी में काम करने वाले सह-अभियुक्त प्रिंस यादव के द्वारा उपलब्ध कराये जाते थे।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव