नई दिल्ली: Gujarat Assembly Election 2022: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर पूर्वी सूरत से कंचन जरीवाला के अपहरण का आरोप लगाया| मनीष सिसोदिया ने कहा 'लोकतंत्र के लिए ख़तरनाक घटना है| गुजरात में BJP बुरी तरह हार रही है| बौखलाहट में BJP ने Surat East से AAP प्रत्याशी Kanchan Jariwala का अपहरण किया | कंचन जरीवाला का फोन बंद, परिवार गायब है| पहले BJP के गुंडों ने कोशिश की कि Nomination न हो, हो गया तो Kidnap कर लिया|
फिलहाल, आम आदमी पार्टी के सूरत ईस्ट के उम्मीदवार कंचन जरीवाला मिले गए हैं और उन्होंने सीधे आरओ कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन वापस ले लिया है| गुजरात के पूर्वी सूरत से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कंचन जरीवाला ने कल शाम कथित रूप से अपहरण किए जाने के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया।
कंचन जरीवाला के मिलने पर मनीष सिसोदिया ने कहा ' गुजरात में भाजपा ने गुंडों के दम पर सूरत ईस्ट से AAP उम्मीदवार कंचन जरीवाला का अपहरण करवाया और फिर पुलिस के दम पर नामांकन वापस करवाया. ऐसे में चुनाव का मतलब ही क्या बचा फिर?
सिसोदिया ने कहा 'BJP लोकतंत्र की लूट कर रही है। AAP प्रत्याशी कंचन जरीवाला को 500 Police घेर कर RO के दफ़्तर लेकर गए हैं। BJP के गुंडों और प्रशासन द्वारा कंचन जरीवाला पर नामांकन पत्र वापस लेने का दबाव बनाया है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि ,''भाजपा गुजरात में हार के डर से बौखला गई है। पूर्वी सूरत से AAP के उम्मीदवार कंचन जरीवाला को भाजपा के गुंडों ने किडनैप किया। वह RO दफ्तर गए थे जब भाजपा ने उन पर अपनी उम्मीदवारी को वापस लेने के लिए दबाव डाला|
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा, सूरत (पूर्व) से हमारे उम्मीदवार कंचन जरीवाला और उनका परिवार कल से लापता है. पहले बीजेपी ने उनका नामांकन रद्द करने की कोशिश की| लेकिन उनका नामांकन स्वीकार कर लिया गया| बाद में उन पर नामांकन वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा था| क्या उनका अपहरण कर लिया गया है ?
केजरीवाल ने कहा कि ,''गुंडों और पुलिस के दम पर उम्मीदवारों को अगवा करके उनका नामांकन वापिस करवाया जा रहा है। इस क़िस्म की सरेआम गुंडागर्दी भारत में कभी नहीं देखी गयी। फिर चुनाव का क्या मतलब रह गया? फिर तो जनतंत्र ख़त्म है।
आम आदमी पार्टी ने ट्वीट कर लिखा, Police और BJP के गुंडे एक साथ - AAP Surat (East) के उम्मीदवार Kanchan Jariwala को R.O. कार्यालय में घसीट कर ले गए और उन्हें अपना नामांकन वापस लेने के लिए मज़बूर किया। आज 'स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव' शब्द एक मज़ाक बन गया है!