ग्वालियर/नई दिल्ली: कृषि कानूनों(Farm Laws) के विरोध में पश्चिमी यूपी, पंजाब-हरियाणा के किसानों का आंदोलन लगातार छठे दिन भी जारी है।अब मध्य प्रदेश के किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया है| मध्य प्रदेश के किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए कल दिल्ली की ओर कूच करेंगे|
मध्य प्रदेश के ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र के किसानों का कहना है कि वे कल आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली की ओर मार्च करेंगे। एक किसान ने कहा,''किसान संगठनों ने कल दिल्ली जाने का फैसला किया है। मैं साथी किसानों से आग्रह करता हूं कि वे हमारे साथ मिलकर आवश्यक वस्तुओं को लेकर चले|
कृषि कानून के मुद्दे पर आंदोलनरत किसानों और सरकार के बीच मंगलवार को वार्ता हुई लेकिन गतिरोध अभी भी बरकरार है| किसानों से चर्चा के दौरान सरकार ने कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए समिति बनाने का सुझाव रखा, लेकिन किसानों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है| किसानों और सरकार के बीच आज की बातचीत बेनतीजा रही| दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक गुरुवार को होगी|
तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के 30 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ तीन केंद्रीय मंत्रियों ने बातचीत की शुरुआत की| किसान इन कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं| इस बीच किसानों का प्रदर्शन और जोर पकड़ने लगा है,पंजाब राज्य से कई और किसान और हरियाणा से खाप आंदोलन के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं| किसानों ने कहा है कि मांग पूरी होने तक वे प्रदर्शन जारी रखेंगे|
बातचीत के बाद केंद्र सरकार ने किसानों से अपील की हैं कि विरोध प्रदर्शनों को स्थगित करें और वार्ता के लिए आएं।किसानों ने कहा,हमारा आंदोलन जारी रहेगा| एक किसान नेता ने कहा,'हम सरकार को यकीन दिला देंगे कि इन क़ानूनों में कुछ भी किसानों के पक्ष में नहीं है। हम इन क़ानूनों को रद्द करा के जाएंगे| हमारा आंदोलन जारी रहेगा|
बातचीत के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल के सदस्य चंदा सिंह ने कहा,''हमारा आंदोलन जारी रहेगा। सरकार से कुछ लेकर जाएंगे। सरकार अगर शांति चाहती है तो लोगों का मुद्दा हल करे। हम मुलाकात के लिए परसों फिर आएंगे|
ऑल इंडिया किसान फेडरेशन के अध्यक्ष प्रेम सिंह ने कहा,'आज की बैठक अच्छी रही। सरकार अपने स्टैंड से थोड़ा पीछे हटी है। 3 दिसंबर को अगली बैठक है, उसमें हम सरकार को यकीन दिला देंगे कि इन क़ानूनों में कुछ भी किसानों के पक्ष में नहीं है। हम इन क़ानूनों को रद्द करा के जाएंगे| हमारा आंदोलन जारी रहेगा|
विज्ञान भवन में किसानों के साथ बैठक करने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा,हम किसान भाइयों से आग्रह करते हैं कि आंदोलन स्थगित करें और वार्ता के लिए आएं परन्तु ये फैसला करना किसान यूनियन और किसानों पर निर्भर है|तोमर ने कहा, "आज किसान यूनियन के नेता आए थे, भारत सरकार ने तीसरे चरण की वार्ता आज पूरी की है। हम सब ने निर्णय लिया है कि परसों वार्ता का चौथा चरण शुरू होगा|
तोमर ने कहा,'परसों तक ये लोग भी अपने मुद्दे लेकर आएंगे और सभी बिन्दुओं पर चर्चा की जाएगी। हम चाहते थे कि छोटा ग्रुप बने, लेकिन सभी किसान यूनियनों का कहना था कि सभी मिलकर बात करेंगे। सरकार को सभी से बात करने में भी परेशानी नहीं है | किसानों के किसी भी सवाल पर मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हमेशा चर्चा के लिए, सुझाव के लिए, विमर्श के लिए तैयार है|