हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के वसूली एजेंटों ने दिव्यांग किसान मिथिलेश मेहता की गर्भवती पुत्री मोनिका मेहता को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला| घटना गुरुवार की है| हजारीबाग जिले के इचाक में एक निजी फाइनांस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने एक दिव्यांग किसान मिथिलेश मेहता की युवा गर्भवती पुत्री मोनिका मेहता को ट्रैक्टर से कुचल डाला। गंभीर रूप से जख्मी मोनिका ने गुरुवार शाम इलाज के लिए रांची लाये जाने के दौरान दम तोड़ दिया।
किसान मिथिलेश मेहता की युवा गर्भवती पुत्री मोनिका मेहता की मौत के बाद शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने हजारीबाग शहर स्थित फाइनांस कंपनी के दफ्तर को घेर लिया| प्रदर्शनकारी मोनिका मेहता को कुचलकर मारने वाले एजेंटों को गिरफ्तार करने और मृतका के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं|
दरअसल महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से ट्रैक्टर खरीदना हजारीबाग के दिव्यांग किसान मिथिलेश मेहता को इतना महंगा पड़ा कि इसकी कीमत उन्हें 27 साल की गर्भवती बेटी की जान देकर चुकानी पड़ी। कंपनी के वसूली एजेंटों ने मिथिलेश की 27 साल की बेटी मोनिका को उसी ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला। मोनिका तीन माह की गर्भवती भी थी।
इचाक के सिजुआ गांव निवासी दिव्यांग किसान मिथिलेश मेहता के मुताबिक, उन्होंने महिंद्रा फाइनांस से कर्ज लेकर सितंबर 2018 में एक ट्रैक्टर खरीदा था| कोविड के दौरान पैदा हुई परेशानियों के चलते वह कर्ज की छह ईएमआई नहीं चुका पाये थे| कंपनी की ओर से मिली नोटिस के अनुसार उन्हें 120,000 रुपये जमा करने थे| लेकिन मिथिलेश तय तिथि पर नहीं पहुंच पाए|
इसी बीच गुरुवार को ट्रैक्टर पेट्रोल पंप पर खड़ा था। वहां एक कार से चार लोग पहुंचे। उनमें से एक ट्रैक्टर स्टार्ट कर ले जाने लगा। इसकी जानकारी मिलने पर मिथिलेश अपनी विवाहिता पुत्री मोनिका के साथ वहां पहुंचे तो उन्होंने रास्ते में ट्रैक्टर ले जा रहे लोगों को रोककर उनसे बातचीत की|
मिथिलेश मेहता ने तत्काल रुपये जमा करने की बात कही, लेकिन वे लोग ट्रैक्टर ले जाने पर अड़े रहे| खुद को कंपनी का जोनल मैनेजर बताने वाले एक शख्स से मोनिका ने जब उनका आईडी मांगा तो वह गुस्से में आग बबूला हो गया| मोनिका ने जब रोका तो चालक उसे कुचलते हुए बढ़ गया। इलाज के लिए रिम्स लाने के दौरान उसकी मौत हो गई।