मुख्य सामग्री पर जाएँ
24 अगस्त 2026

प्रधानमंत्री 'राजनीतिक प्रतिशोध' में मृत व्यक्ति को भी नहीं बख्श रहे है, SIT अपने सियासी आका के इशारों पर नाच रही है : अहमद पटेल पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

नई दिल्ली: 2002 गुजरात दंगा: कांग्रेस ने शनिवार को पार्टी के दिग्गज नेता दिवंगत अहमद पटेल के खिलाफ लगे उन आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने 2002 गुजरात के दंगों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी…

प्रधानमंत्री 'राजनीतिक प्रतिशोध' में मृत व्यक्ति को भी नहीं बख्श रहे है, SIT अपने सियासी आका के इशारों पर नाच रही है : अहमद पटेल पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री 'राजनीतिक प्रतिशोध' में मृत व्यक्ति को भी नहीं बख्श रहे है, SIT अपने सियासी आका के इशारों पर नाच रही है : अहमद पटेल पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: 2002 गुजरात दंगा: कांग्रेस ने शनिवार को पार्टी के दिग्गज नेता दिवंगत अहमद पटेल के खिलाफ लगे उन आरोपों का खंडन किया कि उन्होंने 2002 गुजरात के दंगों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार को गिराने की साजिश रची थी| गुजरात पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका का विरोध करते हुए दावा किया है कि एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी को बदनाम करने की साजिश रची थी।  इसके लिए एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ , तत्कालीन गुजरात DGP श्रीकुमार और IPS अफ़सर संजीव भट्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार रहे अहमद पटेल से 30 लाख रुपए लिए थे।



कांग्रेस नेता जयराम रमेश कहा ,''यह प्रधानमंत्री की उस सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वे 2002 में हुए गुजरात दंगों के पाप से मुक्त होना चाहते हैं, जो उनके मुख्यमंत्री रहते हुआ था| प्रधानमंत्री का राजनीतिक प्रतिशोध तंत्र स्पष्ट रूप से उन राजनीतिक विरोधियों को भी नहीं बख्श रहा, जो अब इस दुनिया में भी नहीं हैं।



 कांग्रेस महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने कहा ,''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस स्वर्गीय श्री अहमद पटेल पर लगाए गए मनगढंत व शरारतपूर्ण आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन करती है। यह प्रधानमंत्री की उस सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वे 2002 में हुए गुजरात दंगों के पाप से मुक्त होना चाहते हैं, जो उनके मुख्यमंत्री रहते हुआ था| नरसंहार को रोकने में उनकी अनिच्छा और अक्षमता के कारण ही भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें राजधर्म याद दिलाने के लिए बाध्य होना पड़ा था। 



सांसद जयराम रमेश ने कहा ,'प्रधान मंत्री का राजनीतिक प्रतिशोध तंत्र स्पष्ट रूप से उन राजनीतिक विरोधियों को भी नहीं बख्श रहा, जो अब इस दुनिया में भी नहीं हैं। यह एसआईटी अपने राजनैतिक आका की धुन पर नाच रही है और उनके इशारे पर यह उठकबैठक करती रहेगी। 



जयराम रमेश ने कहा ,हम जानते हैं कि कैसे एक पूर्व एसआईटी प्रमुख को मुख्यमंत्री को 'क्लीन चिट' देने के एवज़ में एक राजनयिक उत्तरदायित्व के साथ पुरस्कृत किया गया था। कोर्ट में चल रहे मामलों में प्रेस के माध्यम से कठपुतली एजेंसियों द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों को तथाकथित रुप से निष्कर्षों के रूप में प्रसारित व प्रचारित करना मोदी-शाह की जोड़ी का जाना-माना तरीका रहा है। यह आरोप उसी रणनीति का एक अन्य उदाहरण होने के अतिरिक्त और कुछ नहीं है, जिसका एक अतिरिक्त उद्देश्य, एक ऐसे दिवंगत व्यक्ति को कलंकित करना है, जो अपने ऊपर लगाए गए ऐसे बेशर्मी भरे झूठे आरोपों का खंडन करने के लिए अब इस दुनिया में नहीं है।




तीस्ता सीतलवाड़, श्रीकुमार, संजीव भट्ट ने मोदी को फंसाने के लिए अहमद पटेल से लिए थे 30 लाख:







tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 16 जुलाई 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।