नई दिल्ली: लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर कांग्रेस पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “2004 से 2014 आजादी के इतिहास में घोटाला का दशक रहा। UPA के वे दस साल में भारत के हर कोने में आतंकवादी हमलों का सिलसिला चलता रहा। हर नागरिक असुरक्षित था। चारों तरफ ये सूचना रहती थी किसी अनाजानी चीज को हाथ मत लगाना। 10 साल में कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक देश हिंसा का शिकार था|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “2010 में देश में राष्ट्रमंडल खेल हुए भारत की युवा सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने बहुत बड़ा अवसर था, लेकिन CWG घोटाले में पूरा देश दुनिया में बदनाम हो गया। सदी के दूसरे दशक में देश की चर्चा ब्लैकआउट के नाते हुई। पूरे विश्व में ब्लैकआउट के वे दिन चर्चा में आ गए|
मोदी ने कहा, “2014 से पहले का दशक हमेशा द लॉस्ट डिकेड के रूप में याद किया जाएगा, लेकिन 2030 का दशक भारत का दशक है|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ये निराशा ऐसे नहीं आई, इस निराशा के पीछे कारण है, एक तो जनता का बार-बार हुकुम...2004 से 2014 तक भारत की अर्थव्यवस्था खस्ताहाल हो गई, इस पर निराशा नहीं होगी तो क्या होगी। 10 साल में महंगाई डबल डिजिट रही इसलिए अगर कुछ अच्छा होता है तो निराशा और उभर कर आती है|
उन्होंने कहा,'' इन्होंने 9 साल आलोचना करने की जगह आरोप में गंवा दिए। चुनाव हार जाओ तो EVM को गाली, चुनाव आयोग को गाली..कोर्ट में फैसला पक्ष में नहीं आया तो सुप्रीम कोर्ट की आलोचना, भ्रष्टाचार की जांच हो रही हो तो जांच एजेंसियों को गाली, सेना अपना पराक्रम दिखाए तो सेना को गाली... सेना पर आरोप| आर्थिक प्रगति पर जब चर्चा होती है, तो यहां से निकल कर RBI को गाली देते हैं। 9 साल में कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म की जगह कंपल्सिव क्रिटिसिज्म ने ले ली है और ये इसी में खोए हैं। सदन में जांच एजेंसियों के बारे में बहुत कुछ कहा गया, कई लोग इस सुर में सुर मिला रहे थे|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,''कुछ लोगों को यहां हार्वर्ड स्टडी का क्रेज है। कोरोना काल में कांग्रेस ने कहा था कि भारत की बर्बादी पर हार्वर्ड में केस स्टडी होगी। बीते वर्षों में हार्वर्ड में एक बहुत अच्छी स्टडी हुई है, उसका शिर्षक था 'द राइज एंड डिक्लाइन ऑफ इंडिया कांग्रेस पार्टी'| उन्होंने कहा,'' मुझे भरोसा है कि भविष्य में हार्वर्ड ही नहीं बल्की बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में कांग्रेस की बर्बादी और डूबाने वाले लोगों पर अध्ययन होना ही है। ऐसे लोगों के लिए दुष्यंत कुमार ने एक बात कही है कि, तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीान नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं|