नई दिल्ली: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। ट्रायल पर चल रहे टीकों की प्रगति पर सरकार की नजर है। भारत में वैक्सीन अपने तीसरे चरण में हैं|
एम्स निदेशक डॉ. रणदीप सिंह गुलेरिया ने बताया,''ये अच्छी खबर है कि एक वैक्सीन को इतने कम समय में मंजूरी मिल गई है। भारत में वैक्सीन अपने तीसरे चरण में हैं|
एम्स निदेशक डॉ. रणदीप सिंह गुलेरिया ने बताया,''इस बात का पर्याप्त डाटा है कि वैक्सीन सुरक्षित है। करीब 70,000-80,000 लोगों को वैक्सीन दी गई है। अब तक वैक्सीन का कोई गंभीर विपरीत असर नहीं हुआ है। वैक्सीन से मृत्युदर में कमी आएगी और बड़ी आबादी को वैक्सीन लगाने से हम वायरस के प्रसार की चेन को तोड़ पाएंगे
वहीं इससे पहले वैक्सीन को लेकर सरकार की तरफ से बड़ा बयान आया था। 1 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि, कोरोना वायरस की वैक्सीन सबके लिए नहीं..''मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि,केंद्र सरकार ने कभी भी पूरे देश में टीकाकरण की बात नहीं की है। स्वास्थ्य मंत्रालय से जब पूछा गया कि पूरे देश को टीकाकरण करने में कितना समय लगेगा,जिस पर उन्होंने कहा था कि,'सरकार ने कभी भी पूरे देश में टीकाकरण की बात नहीं की है|
वहीं आईसीएमआर के डीजी डॉ बलराम भार्गव ने बताया था कि वैक्सीन कितने लोगों को दी जाएगी यह उत्पादन पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा था कि अगर हम लोग कोरोना संक्रमण के चेन को तोड़ देते हैं तब हम लोगों को पूरी आबादी को टीकाकरण करने की आवश्यकता नहीं होगी।