नई दिल्ली: कांग्रेस के सांसदों और नेताओं ने सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र की नयी अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे युवाओं के प्रति एकजुटता दिखाते हुए रविवार को राजधानी दिल्ली में जंतर मंतर पर ‘सत्याग्रह’ किया। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इस योजना को वापस लेने की मांग करते हुए रविवार को जंतर मंतर पर सत्याग्रह किया| कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, सचिन पायलट, दिग्विजय सिंह, सलमान खुर्शीद, अजय माकन, जयराम रमेश, अधीर रंजन चौधरी, हरीश रावत, राजीव शुक्ला, प्रमोद तिवारी, पीएल पुनिया, केसी वेणुगोपाल, गौरव गोगोई, दीपेंद्र हुड्डा के अलावा कांग्रेस के अन्य बड़े चेहरे इस सत्याग्रह में शामिल हुए|
अग्निपथ योजना पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि,''कोविड के बहाने से आपने(सरकार) 2 साल से भर्तियां रोक रखी थी। 1.25 लाख भर्तियां केवल फौज में खाली है। आप सिर्फ भ्रमित कर लोगों का भविष्य खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। हम सत्याग्रह कर सरकार को यह योजना वापस लेने के लिए मजबूर करेंगे|
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि,आप का दर्द पूरा देश समझ रहा है लेकिन आप ये मत भूलिए कि ये देश आपका है, इस देश की संपत्ति आपकी है। इसे सुरक्षित रखना आपका कर्तव्य है। हम सत्याग्रह पर बैठे हैं अहिंसा द्वारा लड़ी गई लड़ाई|
प्रियंका गांधी ने कहा कि,हरीवंश राय जी की कविता का नाम इस स्कीम (अग्निपथ) को दिया गया जो इस देश के नवयुवकों को मार डालेगा। ये ऐसी स्कीम है जो सेना को खत्म कर देगी। लोकतांत्रिक तरीके से, शांतिपूर्वक तरीके से इस सरकार खत्म कीजिए|
प्रियंका गांधी ने कहा कि,''हमारे सैनिक हमारा गौरव हैं। देशप्रेम व बलिदान का जज्बा दिल में लिए, सेना में जाने की तैयारी करने वाले युवा हमारे लिए अमूल्य हैं। युवाओं के बलिदानी जज्बे का सम्मान करना व उनकी आवाज को बुलंद करना हर देशभक्त का कर्तव्य है। कांग्रेस पार्टी सत्याग्रह के मार्ग पर चलकर "नो रैंक, नो पेंशन" वाली नई आर्मी भर्ती योजना के खिलाफ पुरजोर तरीके से संघर्ष करती रहेगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, बार-बार नौकरी की झूठी उम्मीद दे कर, प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को बेरोज़गारी के ‘अग्निपथ’ पर चलने के लिए मजबूर किया है। 8 सालों में, 16 करोड़ नौकरियां देनी थीं मगर युवाओं को मिला सिर्फ़ पकोड़े तलने का ज्ञान। देश की इस हालत के ज़िम्मेदार केवल प्रधानमंत्री हैं।