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24 अगस्त 2026

अमर जवान ज्योति की लौ 'बुझ नहीं रही बल्कि इसे...: विवाद पर केंद्र सरकार ने दी सफाई

नई दिल्ली: इंडिया गेट पर पिछले 50 साल से जल रही अमर जवान ज्योति की लौ को लेकर हुए विवाद पर अब केंद्र सरकार ने सफाई दी है| भारत सरकार के सूत्रों ने कहा,अमर जवान ज्योति की लौ बुझ नहीं रही है। इसे राष्ट…

अमर जवान ज्योति की लौ 'बुझ नहीं रही बल्कि इसे...: विवाद पर केंद्र सरकार ने दी सफाई
अमर जवान ज्योति की लौ 'बुझ नहीं रही बल्कि इसे...: विवाद पर केंद्र सरकार ने दी सफाई | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: इंडिया गेट पर पिछले 50 साल से जल रही अमर जवान ज्योति की लौ को लेकर हुए विवाद पर अब केंद्र सरकार ने सफाई दी है| भारत सरकार के सूत्रों ने कहा,अमर जवान ज्योति की लौ बुझ नहीं रही है। इसे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के ज्वाला में मिला दिया जा रहा है। ये अजीब बात थी कि अमर जवान ज्योति की लौ ने 1971 और अन्य युद्धों में जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी, लेकिन उनका कोई भी नाम वहां मौजूद नहीं है| 



सूत्रों ने तर्क दिया कि .1971 और उसके पहले और बाद के युद्धों सहित सभी युद्धों में सभी जान गंवाने वाले भारतीय जवानों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में रखे गए हैं इसलिए वहां युद्ध में जान गंवाने वाले भारतीय जवानों को देने वाली ज्योति का होना ही सच्ची 'श्रद्धांजलि' है|



सूत्रों ने कहा,ये विडंबना ही है कि जिन लोगों ने 7 दशकों तक राष्ट्रीय युद्ध स्मारक नहीं बनाया, वे अब हंगामा कर रहे हैं जब युद्धों में जान गंवाने वाले हमारे भारतीय जवानों को स्थायी और उचित श्रद्धांजलि दी जा रही है|




गौरतलब है कि, दिल्ली में 50 साल से इंडिया गेट की पहचान बन चुकी अमर जवान ज्योति का आज आखिरी दिन है। इंडिया गेट पर 50 सालों से जलने वाली अमर जवान ज्योति आज बुझा दी जाएगी| अब यह ज्योति इंडिया गेट की जगह नेशनल वॉर मेमोरियल (National War Memorial) पर प्रज्जवलित होगी। आज इसकी लौ को वॉर मेमोरियल की ज्योति में मिला दिया जाएगा। 



बता दें कि यह ज्योति पांच दशकों से लगातार जल रही है| आज इसे एक कार्यक्रम के तहत इंडिया गेट से लगभग 400 मीटर दूरी पर स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक पर जलने वाली ज्योति में विलय कर दिया जाएगा| इस कदम का कई लोगों ने विरोध भी किया है|



अमर जवान ज्योति दिल्ली में इंडिया गेट पर बनी है जिसमें मार्बल की एक सतह पर राइफल बंदूक खड़ी है और उस पर सैनिक का एक हेलमेट भी टंगा है| इसका इतिहास 50 साल पुराना है| दरअसल इसे 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया गया था| इसका उद्घाटन 1972 में गणतंत्र दिवस के दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था| 




कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस कदम का विरोध करते हुए सरकार पर निशाना साधा था| उन्होंने नाराजगी जताते हुए ट्वीट किया, "बहुत दुख की बात है कि हमारे वीर जवानों के लिए जो अमर ज्योति जलती थी, उसे आज बुझा दिया जाएगा| कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते- कोई बात नहीं…हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएंगे!'



अमर जवान ज्योति को बुझाकर वीर जवानों की शहादत का अपमान कर रहे हैं: आम आदमी पार्टी

वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी इसका विरोध किया है। संजय सिंह ने एक ट्वीट में लिखा, मोदी जी आप “न किसान के हैं न जवान के”। 1971 के भारत-पाक युद्ध में हमारे जवानों ने अपनी शहादत दी। उनकी याद में 50 वर्षों से ये “अमर जवान ज्योति” जल रही है। आप उस ज्योति को बुझाकर वीर जवानों की शहादत का अपमान कर रहे हैं। ये देश आपको माफ नहीं करेगा।



ये राष्ट्रीय त्रासदी और इतिहास को मिटाने की कोशिश है:मनीष तिवारी

कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने कहा,'''भारत के लोगों के अंतरात्मा और उनकी मानसिकता में अमर जवान ज्योति की अपनी एक विशेष स्थान है इसलिए अमर जवान ज्योति की लौ को बुझाकर इसे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के ज्योति में मिलाए जा रहा है ये राष्ट्रीय त्रासदी और इतिहास को मिटाने की कोशिश है|



आपका contribution हिंदुस्तान के गौरवशाली इतिहास में नहीं रहा इसका..:

BJP पर निशाना साधते हुए RJD के सांसद मनोज कुमार झा ने कहा,''''मानता हूँ आपका contribution हिंदुस्तान के गौरवशाली इतिहास में नहीं रहा इसका मतलब ये तो नहीं की जो 50 वर्ष से लौ जल रही थी उसको बुझा देंगे? आप कौन सी परम्परा छोड़ के जा रहे हैं, इतिहास कैसे आपको स्मरण करेगा समकालीन ताली बजा देंगे, लेकिन इतिहास ताली नहीं बजाएगा|




tvlnews

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