नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर और सिविल लाइन के तीरथराम शाह अस्पताल में 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिस कर्मियों से मुलाकात की। अपने एक ट्वीट में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि “आज दिल्ली पुलिस के बहादुर पुलिसकर्मियों से अस्पताल में भेंट की व उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा में बहादुरी और संयमता की जो मिसाल दिल्ली पुलिस ने पेश की उसपर पूरे देश को गर्व है”।
उपराज्यपाल अनिल बैजल 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिस कर्मियों से सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में मुलाकात की। सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में घायल पुलिस कर्मियों से मिलने के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा कि,''जो हुआ बहुत गलत हुआ, सरकार कार्रवाई कर रही है। दोनों पुलिसकर्मियों की हालत ठीक है उन्होंने मुझ से बात कीः
बता दें ,''26 को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा मामले में 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं| बुधवार तक इस मामले में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है|
राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद बुधवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त एस.एन. श्रीवास्तव ने कहा था कि,किसानों ने कल पुलिस के द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए पुलिस बैरिकेड तोड़कर हिंसक घटनाएं की। कुल मिलाकर 394 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और कुछ पुलिसकर्मी ICU में भी है|
एस.एन. श्रीवास्तव ने कहा था कि,हम दिल्ली में गैर-क़ानूनी तरीके से किए गए आंदोलन और उस दौरान हिंसा और लाल किले पर फहराए गए झंडे को बड़ी गंभीरता से ले रहे हैं। हिंसा करने वालों की वीडियो हमारे पास है, विश्लेषण हो रहा है| गाजीपुर में किसान नेता राकेश टिकैत के साथ जो किसान मौजूद थे उन्होंने भी हिंसा की घटना को अंजाम दिया और आगे बढ़कर अक्षरधाम गए, हालांकि पुलिस द्वारा कुछ किसानों को वापस भेजा गया लेकिन कुछ किसानों ने पुलिस बैरिकेड तोड़े और लाल किले पहुंचे