मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव सोरम में तेरहवीं में शामिल होने गए केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान को देखकर कुछ ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस की मौजूदगी में मंत्री समर्थक और ग्रामीणों में मारपीट हुई। इसमें चार लोग घायल हो गए।
मुजफ्फरनगर के सोरम में ग्रामीणों के साथ हुई झड़प पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने,''आरोप लगाया कि यह घटना आरएलडी की पूर्वनियोजित साजिश थी और एक मस्जिद से ऐलान करके उनके खिलाफ लोगों को उकसाया गया था|
झड़प के एक दिन बाद मंगलवार को संजीव बालियान ने,कहा कि ''समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के 10-12 परिवार के सदस्यों ने मेरे साथ भैंसवाल ( शामली जिला ) में दुर्व्यवहार किया। जब मैं एक समारोह में भाग लेने के लिए सोरम (मुजफ्फरनगर) में था तब 5-6 लोकदल के कार्यकर्ताओं ने वही किया। मेरे जाने के बाद झड़प हुई। मेरे खिलाफ एकजुट होने के लिए मस्जिद से घोषणाएँ की गईं|
दरअसल सोमवार को संजीव बालियान मुजफ्फरनगर के सोरम गांव में एक शोकसभा में पहुंचे थे| संजीव बालियान पहुंचे तो वहां मौजूद गांववालों ने किसान यूनियन जिंदाबाद के नारे लगा दिए|गांववालों का आरोप है कि नारे लगे तो संजीव बालियान के समर्थक भिड़ गए और लाठी डंडों से पिटाई कर दी| इस मारपीट में जो गांववाले घायल हुए हैं उन्होंने भी संजीव बालियान पर ही आरोप जड़े हैं|
मारपीट के बाद सोरम पंचायत पर RLD और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने पंचायत की और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज की मांग की|लोगों ने शाहपुर थाने का भी घेराव किया| वहीं इस घटना के बाद प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है|
वहीँ उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में संजीव बालियान की अगुवाई में पहुंचे बीजेपी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को किसानों का भारी विरोध झेलना पड़ा| यहां पर किसानों ने गांव में एंट्री करने वाले रास्ते पर ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर प्रतिनिधिमंडल का रास्ता रोक दिया| इतना ही नहीं, किसानों ने BJP मुर्दाबाद के नारे भी लगाए| बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल नए कृषि कानूनों को लेकर खाप चौधरियों से मिलने के लिए गांव पहुंचा था|इस दौरान बालियान के समर्थकों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई|
मामला जनपद शामली के गांव भैंसवाल का है, जहां पर मंत्री संजीव बालियान की अगुवाई में बीजेपी के मंत्रियों और नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बत्तीसा खाप के चौधरी बाबा सूरजमल से कृषि कानूनों को लेकर मुलाकात करने के लिए पहुंचा था| यहां पर उन्हें किसानों का भारी विरोध झेलना पड़ा| गांव में मंत्रियों के पहुंचने की खबर का पता चलते ही ग्रामीणों ने गांव में एंट्री करने वाले रास्ते पर ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर प्रतिनिधिमंडल का काफिला रोक दिया| जैसे-तैसे कर केंद्रीय मंत्री और उनके साथ पूरे प्रतिनिधिमंडल ने गांव में एंट्री की तो गांव में घुसते ही किसानों ने बीजेपी मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए|