गुवाहाटी:असम विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के लिए प्रचार रविवार को समाप्त हो गया। छह अप्रैल को 40 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होने हैं ।इस बीच असम के दीमा हसाओ जिले में एक मतदान केंद्र पर हुए बड़ी अनियमितता का खुलासा हुआ है। दीमा हसाओ जिले में मतदान बूथ पर मात्र 90 मतदाता पंजीकृत हैं लेकिन यहां कुल 171 वोट पड़े हैं। यह मतदान केंद्र हाफलोंग विधानसभा क्षेत्र में है। इस जगह दूसरे चरण में एक अप्रैल को मतदान हुआ था|
स्वतंत्र पत्रकार रणविजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा है,''असम के एक बूथ पर सिर्फ 90 वोटर थे और EVM में वोट पड़े 171. मतलब जितने वोटर थे उससे 81 वोट ज्यादा पड़े. मामले में चुनाव आयोग के 5 अफसर सस्पेंड हुए हैं. लेकिन... कोई कुछ नहीं बोलेगा, चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं. EVM में गड़बड़ी नहीं हो सकती.
इस घटना के सामने आने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान केंद्र के पांच चुनाव अधिकारियों को निलंबित करके यहां दोबारा मतदान कराने का प्रस्ताव रखा है। यह मतदान केंद्र खोटलिर एलपी स्कूल के 107 (ए) में था। हालांकि, इस मतदान केंद्र पर दोबारा चुनाव कराने के लिए अभी आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। दीमा हसाओ के पुलिस उपायुक्त सह जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से निलंबन आदेश दो अप्रैल को ही जारी किया गया था, लेकिन यह सोमवार को नजर में आया।
कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के लिए एस ल्हांगुम (सेक्टर ऑफिसर), प्रह्लाद सी रॉय (पीठासीन अधिकारी), परमेश्वर चारंगसा (प्रथम मतदान अधिकारी), स्वराज कांति दास (द्वितीय मतदान अधिकारी) और एल थीक (तृतीय मतदान अधिकारी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बता दें कि,''असम के करीमगंज जिले में बीजेपी प्रत्याशी की गाड़ी से ईवीएम (EVM) मिलने के मामले को लेकर कांग्रेस ने हमला बोला था| 2 अप्रैल को कांग्रेस ने कहा था,''लोकतंत्र की हालत इससे ज्यादा और क्या खराब हो सकती है कि भाजपा प्रत्याशी की गाड़ी में EVMs मिल रही है। अगर वोटिंग मशीन ही शक के दायरे में है तो किस पर भरोसा किया जाए?
असम में एक बीजेपी प्रत्याशी की कार में ईवीएम मिलने के मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट किया था| उन्होंने लिखा, था,'''क्या स्क्रिप्ट है?चुनाव आयोग की गाड़ी खराब हुई,तभी वहां एक गाड़ी प्रकट हुई| गाड़ी भाजपा के प्रत्याशी की निकली.... मासूम चुनाव आयोग उसमें बैठकर सवारी करता रहा। प्रिय EC, माजरा क्या है...? आप देश को इस पर कुछ सफाई दे सकते हैं?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस मसले पर सिलसिलेवार ट्वीट किए हैं जिसमें उन्होंने ECI से 6 सवाल पूछे हैं| उन्होंने लिखा था,''असम विधानसभा चुनाव में संभावित हार की आशंका से बीजेपी बौखला गई है, ऐसे में आखिरी उपाय ''ईवीएम'' ही होती है|
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पूछा- क्या चुनाव आयोग जवाब देगा...
1. बीजेपी उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल की कार से EVM क्यों बरामद हुई?
2. असम के दिफू में हातीपुरा पोलिंग स्टेशन के करीब एक लक्जरी कार की डिक्की में ईवीएम क्यों मिली ?
3. जामुनुख में अधिकारी, सुरक्षा अधिकारियों के बगैर ईवीएम क्यों लेकर जा रहे थे जबकि यह ECI के मेंडेट का सीधे तौर पर उल्लंघन है?
4. क्या कालाईगांव (Kalaigaon) के वोटरों ने बूथ से ईवीएम के गायब होने की शिकायत की थी? इस बारे में क्या जांच हुई और क्या कार्रवाई की गई?
5. क्या कुछ संदिग्ध अधिकारी डिब्रूगढ़ में स्ट्रांगरूम के अंदर पाए गए थे, जहां EVM रखी गई हैं? इस मामले में क्या कदम उठाए गए?6. दूसरे चरण में क्या 139 पोलिंग स्टेशन में EVM के साथ खराबी का सामना करना पड़ा था, इसमें जागीरोड, नागांव, होजाई, नीलबागान, लुमडिंग और अन्य स्थान शामिल हैं? इस मामले में क्या कदम
गौरतलब है कि असम विधानसभा चुनाव के पहले चरण के अंगर्तत 27 मार्च को दूसरे चरण के अंतर्गत गुरुवार, एक अप्रैल को वोट डाले गए् थे| तीसरे और अंतिम चरण के अंतर्गत छह अप्रैल को वोट डाले जाएंगे| राज्य में विधानसभा की 126 सीटें हैं और मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है|