नई दिल्ली: देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अप्रैल को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे| सूत्रों के द्वारा पता चला है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड और वैक्सीन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से भारत में कोरोना वायरस के केसों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है| पिछले 24 घंटों में तो कोरोना के नए केसों का आंकड़ा बढ़कर एक लाख को पार कर गया है| केंद्रीय स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सोमवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में पिछले 24 घंटे में 1,03,558 नए COVID-19 केस दर्ज किए गए हैं, जबकि 478 लोगों की कोरोना की वजह से जान गई|
इससे पहले, देश में सबसे ज़्यादा नए कोरोनावायरस केस 17 सितंबर, 2020 की सुबह (पिछले 24 घंटे में) सामने आए थे, जब कुल 97,894 मामले दर्ज किए गए थे| इस लिहाज़ से लगभग साढ़े छह महीने बाद कोरोना के आतंक ने भारत में सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं|
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में कोविड-19 की स्थिति पर 17 मार्च, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था,'' संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बुनियादी कदमों में मास्क पहनना, शारीरिक दूरी बनाए रखना, स्वच्छता का ध्यान रखना जैसे कदम उठाना जरूरी है।
उन्होंने आग्रह किया था कि इस तरह के कदमों में कोई ढिलाई न बरती जाए और इन कदमों को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ाई जाय। उन्होंने टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाने का आह्वान किया और टीका बेकार होने तारीख के बारे में सतर्क रहने को भी कहा है। अंत में उन्होंने कहा कि “दवाई भी और कड़ाई भी” जरूरी है।
17 मार्च, 2021 को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था,''हमें कोरोना की इस उभरती हुई "सेकंड पीक" को तुरंत रोकना होगा। इसके लिए हमें Quick और Decisive कदम उठाने होंगे|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,'कोरोना की लड़ाई में हम आज जहां तक पहुंचे हैं, उससे आया आत्मविश्वास, लापरवाही में नहीं बदलना चाहिए। हमें जनता को पैनिक मोड में भी नहीं लाना है और परेशानी से मुक्ति भी दिलानी है|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था ,''‘टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट’ को लेकर भी हमें उतनी ही गंभीरता की जरूरत है जैसे कि हम पिछले एक साल से करते आ रहे हैं। हर संक्रमित व्यक्ति के contacts को कम से कम समय में ट्रैक करना और RT-PCR टेस्ट रेट 70 प्रतिशत से ऊपर रखना बहुत अहम है| उन्होंने कहा,''हमें छोटे शहरों में टेस्टिंग को बढ़ाना होगा। हमें छोटे शहरों में "रेफरल सिस्टम" और "एम्बुलेंस नेटवर्क" के ऊपर विशेष ध्यान देना होगा|