दिसपुर: असम में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,'प्रधानमंत्री का ‘असम विज़न’- “झूठे भाषण, दिल के खोटे-नाम बड़े और दर्शन छोटे” असम सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है मगर झूठ और धोखा नहीं। प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी से लेकर असम के मुख्यमंत्री तक विकास के नाम पर झूठ परोसते रहे। असम पूरे देश में अपनी संस्कृति, संस्कारों, सहिष्णुता, संयम और सद्भावना के लिए जाना जाता है। मगर बीते 5 वर्षों में भाजपा ने अपनी ‘सत्ता की भूख’ मिटाने के लिए न सिर्फ ‘बँटवारे का बीज’ बोया है अपितु CAA के माध्यम से असम की ‘भाषा’, ‘भूषा’, ‘भेषज’ पर भी गंभीर आक्रमण किया है!
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,''असम पूरे देश में अपनी संस्कृति, संस्कारों, सहिष्णुता, संयम और सद्भावना के लिए जाना जाता है। मगर बीते 5 वर्षों में भाजपा ने अपनी 'सत्ता की भूख मिटाने के लिए न सिर्फ 'बँटवारे का बीज' बोया है अपितु CAA के माध्यम से असम की 'भाषा', 'भूषा', 'भेषज' पर भी गंभीर आक्रमण किया है।
असम सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है मगर झूठ और धोखा नहीं। प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी से लेकर असम के मुख्यमंत्री तक विकास के नाम पर झूठ परोसते रहे। असम के विकास के नाम पर घोषणाएं बड़ी-बड़ी की गईं मगर घोषणाओं का धरातल खोखला और उथला निकला। आज मोदी जी असम की देवभूमि पर पहली चुनावी सभा करने आ रहे हैं।
लगभग 3.5 करोड़ असम के नागरिकों की ओर से 5 साल के झूठ, फरेब और धोखे का हिसाब मांगने वाले सवालों का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांगते हैं:
विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीप पर विश्व का सबसे बड़ा झूठ
मोदी जी के विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीप असम के माजुली में दिए गए 26 मार्च, 2016 के भाषण को याद कीजिए। वादा किया गया, "हमारे मुख्यमंत्री को वोट दीजिए हम यहाँ ब्रह्मपुत्र नदी पर तुरंत पुल का निर्माण करेंगे।" आज प्रधानमंत्री से असम यह जानना चाहता है कि आपने 5 वर्षों तक इस घोषणा की कोई सुध क्यों नहीं ली? आज 5 वर्षों बाद अब चूंकि असम में फिर चुनाव हैं तो आप माजूली से जोरहट को जोड़ने के लिए 925.47 करोड़ रुपये के पुल निर्माण के भूमि पूजन की रस्म अदायगी का नया झूठ क्यों परोस रहे हैं?
लिया वोट का मौका, एक्सप्रेस-वे के नाम पर धोखा!
प्रधानमंत्री जी, आपकी सरकार के द्वारा 2017 में घोषणा की गई कि असम में ब्रह्मपुत्र नदी के दोनों किनारों पर 40,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,300 किमी के एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा, जिससे असम का भाग्य बदल जाएगा। असम के मुख्यमंत्री, श्री सर्वानंद सोनवाल और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, श्री नितिन गडकरी ने इस पर बहुत सुर्खियाँ बटोरीं। मगर 8 फरवरी, 2021 को राज्यसभा में जवाब दिया कि ब्रह्मपुत्र नदी के दोनों किनारों पर एक्सप्रेस-वे बनाने का कोई प्रस्ताव है ही नहीं (संलग्नक A1)। आखिर असम को इतना बड़ा धोखा क्यों?
असम की पहचान मिटाने का षड़यंत्र
मोदी और सर्वानंद सरकार ने असम की मूल पहचान, संस्कृति, सभ्यता पर कुठाराघात करने के लिए नया सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट 10 जनवरी, 2020 को क्यों नोटिफाई किया? मोदी जी, क्या आप विधानसभा चुनाव के बाद असम में बर्बरता से इस काले कानून को लागू करने की योजना बना रहे हैं? एक तरफ मोदी सरकार पश्चिम बंगाल में जोर से CAA कानून लागू करने का वादा करती है, वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु में CAA नहीं लागू करने का वादा करती है और असम में चुप्पी साध लेती है। इस दोगुली नीति का असम को कारण बताएं?
लगाई बेटी बचाने की झूठी गुहार, फैलाया जीवन में अंधकार!
प्रधानमंत्री और असम के मुख्यमंत्री बेटियों को बढ़ाने व पढ़ाने के नाम पर असम में जैसे जैसे झूठ परोसते गये वैसे-वैसे असम की बेटियों का जीवन अंधकारमय होता गया। समूचे देश में भाजपा ने असम को महिलाओं के लिए सर्वाधिक असुरक्षित प्रदेश बना दिया। पिछले 3 सालों में असम में महिलाएँ 80,794 अपराधों का शिकार हुई हैं। असम में महिला अपराध दर देश में सर्वाधिक 177.8 है जो कि राष्ट्रीय औसत से भी तीन सौ प्रतिशत अधिक है। इससे अधिक शर्मनाक बात यह है कि भाजपा ने असम को एक ऐसा देश बना दिया है जहाँ नाबालिग बच्चियों को खरीदने के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। देश में होने वाले इस प्रकार के कुल अपराध के आधे अपराध असम में होते हैं (संलग्नक A2)। असम में महिला अपराध और महिला असुरक्षा का क्या जवाब है?
कुशासन ही बना भाजपाई शासन- पिछड़ेपन में असम को धकेला
ये है भाजपाई झूठ का मेला"! पाँच साल के भाजपाई कुशासन ने तरक्की के हर पायदान पर असम को पिछड़ेपन की गर्त में धकेल दिया। असम को कुशासन के पिछड़ेपन में धकेलने का जवाब दें प्रधानमंत्री?
देखिए :
2015-16 में Growth Rate of GSDP (%)- 15.67
2019-20 में Growth Rate of GSDP (%)- 6.30
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2015-16 में Rank amongst States and Union Territories-2
2019-20 में Rank amongst States and Union Territories -20
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2015-16 में Growth Rate of Per Capita Income (%) - 13.2
2019-20 में Growth Rate of Per Capita Income (%)-03.46
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2015-16 में Rank amongst States and Union Territories- 3
2019-20 Rank amongst States and Union Territories- 26
सत्ता की आड़, बच्चों और बेटियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे - 5 में खुलासा हुआ कि बीते 5 सालों में असम की महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य की योजनाएँ इस कदर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी हैं कि असम में 2015 में जहाँ 6 से 49 माह के 35 प्रतिशत बच्चों में खून की कमी थी, वह 2020 में बढ़कर 68.4 प्रतिशत हो गया है। 15 से 49 साल की 66 प्रतिशत गर्भवती महिलाएँ 2020 में खून की कमी से जूझ रही हैं। यह 2015 में 46 प्रतिशत था (संलग्नक A3)। असम में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ के लिए कौन जिम्मेवार है?
वोट के लिए फाँसा, गरीब को आवास का दिया झाँसा
मोदी जी ने असम में बढ़-चढ़ कर वादा किया कि असम के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहर) स्वीकृत की गई है और सभी के घर का स्वप्न साकार किया जाएगा। 25 जून, 2015 को यह योजना प्रारंभ की गई। असम के लिए केवल 2.19 लाख परिवारों को चिन्हित किया, मगर छ: साल बाद आज तक मात्र 20,895 घरों का ही निर्माण हुआ? इस धोखे का क्या जवाब है?
झूठ का जाल, जल-जीवन मिशन बदहाल
आजकल मोदी जी बंगाल जाकर बंगाल सरकार के जल-जीवन मिशन की प्रगति को खूब कोस रहे हैं। मगर अपनी केन्द्र सरकार और भाजपा शासित राज्य सरकारों के कामकाज की चर्चा करने से कतराते हैं। मोदी सरकार ने बढ़-चढ़कर 3,60,000 करोड़ रु. के जल-जीवन मिशन की घोषणा की, जबकि सच्चाई यह है कि इस मिशन में पहले 2 सालों में समूचे देश के लिए मात्र 22 हजार करोड़ रु. का ही प्रावधान किया गया। यानि मात्र 6 प्रतिशत।
असम में वादा किया कि असम के 63.35 लाख ग्रामीण परिवारों में से लगभग 59 लाख ग्रामीण परिवारों को जल-जीवन मिशन योजना के तहत हर घर पानी पहुंचाया जाएगा। मगर आज 3 साल बाद इस योजना से लगभग 56 लाख परिवार वंचित क्यों हैं? यही नहीं, केंद्र सरकार ने इस योजना में असम को 1,608 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिसमें से मात्र 523 करोड़ रूपये भेजे गए। और असम की भाजपा सरकार ने तो इस पैसे में से भी सिर्फ 398 करोड़ रुपये ही इस्तेमाल किए। असम की जनता से यह धोखा क्यों?
स्वास्थ्य सेवाएँ जार-जार, असम को किया बीमार
असम के ग्रामीण क्षेत्रों में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स पर सर्जन, फिजिशियन, महिलाओं और बच्चों के विशेषज्ञ डॉक्टर 708 होने चाहिए, मगर उपलब्ध केवल 136 हैं, यानि 85 प्रतिशत कम। यह धोखा क्यों?
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत असम के गुवाहाटी में एम्स की स्थापना की घोषणा 24 मई, 2017 को की गई। इस योजना की लागत 1,123 करोड रु. निर्धारित की गई, जिसमें से अभी तक मात्र 341 करोड़ रुपये ही दिए गए हैं और इस राशि में भी 257 करोड़ रुपये (Higher Education Financing Agency) के लोन का हिस्सा है। यही नहीं, एम्स की कार्य प्रगति मात्र 37 प्रतिशत ही है। इस हिसाब से तो साल, 2026 तक भी गुवाहाटी एम्स पूरा नहीं हो सकता। यह धोखा क्यों?
असम जवाब मांगता है, असम हिसाब मांगता है।
10 सवाल का जवाब PM मोदी दे..
Q1. विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीप पर विश्व का सबसे बड़ा झूठ! मोदी जी, आपने 5 वर्ष तक इस घोषणा की कोई सुध क्यों नही ली?
Q2. लिया वोट का मौका, एक्सप्रेस.वे के नाम पर धोखा! आखिर असम को इतना बड़ा धोखा क्यों?
Q3. असम की पहचान मिटाने का षड़यंत्र - CAA एक तरफ मोदी सरकार पश्चिम बंगाल में जोर से CAA कानून लागू करने का वादा करती है, वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु में CAA नहीं लागू करने का वादा करती है और असम में चुप्पी साध लेती है! इस दोगुली नीति का असम को कारण बताएं?
Q4. घोषणा करके वोट बटोरा, काम का पन्ना रह गया कोरा! मोदी और सर्वानंद सरकार ने हजारों करोड़ रूपये के कामों की घोषणा कर खूब वोट बटोरे। मगर अपना उल्लू सीधा कर असम के विकास को रद्दी की टोकरी में क्यों फेंक दिया?
Q5. कुशासन ही बना भाजपाई शासन- पिछड़ेपन में असम को धकेला- ये है भाजपाई झूठ का मेला! पाँच साल के भाजपाई कुशासन ने तरक्की के हर पायदान पर असम को पिछड़ेपन की गर्त में धकेल दिया। असम को कुशासन के पिछड़ेपन में धकेलने का जवाब दें प्रधानमंत्री?
Q6. लगाई बेटी बचाने की झूठी गुहार, फैलाया जीवन में अंधकार! BJP ने असम को ऐसा प्रदेश बना दिया जहाँ नाबालिग बच्चियों को खरीदने के सर्वाधिक मामले सामने आए। देश में होने वाले ऐसे कुल अपराध के आधे अपराध असम में होते है। असम में महिला अपराध व महिला असुरक्षा का क्या जवाब है?
Q7. सत्ता की आड़, बच्चों और बेटियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़! असम में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ के लिए कौन जिम्मेवार है?
Q8. वोट के लिए फाँसा, गरीब को आवास का दिया झाँसा! मोदी जी ने असम में बढ़-चढ़ कर वादा किया कि असम के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहर) स्वीकृत की गई है व सभी के घर का स्वप्न साकार किया जाएगा। मगर 6 साल बाद आज तक मात्र 20,895 घरों का ही निर्माण हुआ। इस धोखे का क्या जवाब है?
Q9. झूठ का जाल, जल-जीवन मिशन बदहाल! असम में वादा किया कि असम के 63.35 लाख ग्रामीण परिवारों में से लगभग 59 लाख ग्रामीण परिवारों को जल-जीवन मिशन योजना के तहत हर घर पानी पहुँचाया जाएगा आज 3 साल बाद इस योजना से लगभग 56 लाख परिवार वंचित क्यों है? असम की जनता से यह धोखा क्यों?
Q.10 स्वास्थ्य सेवाएँ जार-जार, असम को किया बीमार असम ग्रामीण क्षेत्रों में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स पर सर्जन, फिजिशियन, महिलाओं, बच्चों के विशेषज्ञ डाॅक्टर 708 होने चाहिए, मगर उपलब्ध केवल 136- 85% कम AIIMS की कार्य प्रगति मात्र 37% असम जवाब मांगता है, असम हिसाब मांगता है