नई दिल्ली: कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की खट्टर सरकार पर हमला बोला है|रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा ,'' ‘डरजीवी’ खट्टर सरकार किसानों से बदले की आग में झुलस रही है| आज़ादी के बाद पहली बार कोई सरकार जनता को ‘डराने’ के लिए विधानसभा में कानून लेकर आ रही है.... किसान-मजदूर-मेहनतकशों से प्रतिशोध की आग में जल रही BJP-JJP सरकार ने अंग्रेजों के जुल्मों सितम को भी पीछे छोड़ दिया है|
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,''किसानों-मजदूरों-मेहनतकशों से प्रतिशोध की आग में जल रही भाजपा-जजपा सरकार ने अंग्रेजों के जुल्मों सितम को भी पीछे छोड़ दिया है। बदले की आग में अंधी होकर तथा सम्पूर्णतया राजनीतिक संतुलन खोकर अब खट्टर सरकार गैर-संवैधानिक ऊल-जलूल कानून विधानसभा में जबरन पारित करवाने में लगी है।
उन्होंने कहा,''आज हरियाणा विधानसभा में ‘सम्पत्ति-छति वसूली अधिनियम, 2021' पेश किया जा रहा है। यह अपने आप में खट्टर सरकार द्वारा प्रदेश में बोलने, सोचने, विरोध करने, प्रदर्शन करने तथा सरकार की ख़ामियां व ग़लतियाँ बताने वाले हर व्यक्ति और समूह पर सदा-सदा के लिए पाबंदी लगाने वाला कानून है। न केवल यह कानून अभिव्यक्ति की आजादी के संविधान की धारा -19 में निहित मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है, बल्कि भाजपा-जजपा सरकार की हरियाणा की जनता से भयभीत मानसिकता व कुंठा को दर्शाता है।
क्या खट्टर सरकार जवाब देगी:
1. क्या हरियाणा के राष्ट्रीय राजमार्ग जेसीबी मशीनों से खुदवाना और किसानों को शांतिपूर्वक तरीके से दिल्ली जाने से रोकना अपने आप में राष्ट्रीय सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का अपराध नहीं? क्या मुख्यमंत्री, श्री मनोहर लाल खट्टर व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला इस अपराध के दोषी नहीं?
2. क्या सड़कों व राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड्डे खुदवाना, नुकीले तार लगवाना, बड़े-बड़े पत्थर फेंकवाना व कीलें गड़वाना अपने आप में अपराध नहीं? क्या श्री मनोहर लाल खट्टर व श्री दुष्यंत चौटाला को इसकी सज़ा नहीं मिलनी चाहिए?
3. क्या ऊपर लिखे कानून के उद्देश्यों एवं कारणों का विवरण' में साफतौर से ये नहीं लिखा कि यह कानून “आयोजकों, --------- आदि के मन में डर पैदा करने के लिए एक कानूनी ढांचा" है? क्या खट्टर सरकार अब देश की पहली सरकार बन गई है, जो प्रदेश व केन्द्र की सरकार का विरोध करने वाली जनता को डराने का कानून बना रही है?
4. क्या प्रदेश में बोलने, विरोध करने, प्रदर्शन करने की सम्पूर्ण आजादी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए यह कानून नहीं बनाया जा रहा?
5. क्या खट्टर-दुष्यंत चौटाला की जोड़ी अब इतनी निर्दयी हो गई है कि 250 किसानों की कुर्बानी के
बावजूद, कीलें लगवाने और सड़कें खुदवाने के बावजूद, अब मेहनतकश व देश का पेट पालने वाले किसानों और मजदूरों की सम्पत्ति की कुड़की पर उतर आई है?
सुरजेवाला ने कहा,''''मनोहर लाल खट्टर व दुष्यंत चौटाला जान लें कि देश की माटी को संजोने वाला किसान, पसीना बहाने वाला मजदूर और उनके साथी आड़ती व दुकानदार इन गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं। ये भी समझ लें कि डर के आगे जीत है। हरियाणा और देश का किसान व मजदूर लड़ेगा भी और इस अहंकारी सरकार से जीतेगा भी।
बता दें कि,'' दिल्ली के बॉर्डर पर केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच हरियाणा की खट्टर सरकार ने संपत्ति क्षति वसूली विधेयक 2021 (Damage Recovery Bill 2021) विधानसभा में पास करवा लिया है| इसके तहत अब संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली की जाएगी. इसका विस्तार सम्पूर्ण हरियाणा राज्य में होगा| गुरुवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में संपत्ति क्षति वसूली विधेयक 2021 सदन में पास हुआ| इस विधेयक के तहत अगर आंदोलन के दौरान किसी भी प्रॉपर्टी को नुकसान होता है उसकी भरपाई आंदोलनकारियों से होगी, इसमें सजा का और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है|