नई दिल्ली: केंद्र सरकार लगातार निजीकरण की ओर कदम बढ़ा रही है। बजट सत्र के दौरान केंद्र ने आईडीबीआई बैंक और अन्य दो बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव रखा था, जिसका बैंक यूनियन विरोध कर रहे हैं। बैंकों के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारी संगठनों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल चल रही है। यह हड़ताल बीते सोमवार से शुरू होकर मंगलवार को भी देशभर में जारी है। इससे बैंकिंग सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। इस हड़ताल के चलते जमा और निकासी, चेक क्लीयरेंस और ऋण स्वीकृति जैसी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक ट्वीट करके केंद्र सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने कहा कि, ‘सरकार प्रॉफिट को प्राइवेटाइज कर रही है और घाटे का राष्ट्रीयकरण कर रही है। पीएसबी को मोदीक्रॉनी को बेचना भारत की वित्तीय सुरक्षा के साथ समझौता है। मैं इस मसले पर बैंक कर्मचारियों के साथ हूं।’
राहुल गांधी ने ट्वीट किया,''केंद्र सरकार लाभ का निजीकरण और नुकसान का राष्ट्रीयकरण कर रही है। सरकारी बैंक मोदी मित्रों को बेचना भारत की वित्तीय सुरक्षा से खिलवाड़ है। मैं हड़ताल कर रहे बैंक कर्मचारियों के साथ हूँ। #BankStrike
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को भी एक ट्वीट के जरिये केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने रविवार को अपने ट्वीट में लिखा, 'केंद्र सरकार की दोनों हाथों से दिनदहाड़े लूट- 1. गैस-डीज़ल-पेट्रोल पर जबरदस्त टैक्स वसूली। 2. मित्रों को पीएसयू-पीएसबी बेचकर जनता से हिस्सेदारी, रोजगार व सुविधाएं छीनना। पीएम का एक ही कायदा, देश फूंककर मित्रों का फायदा।'
इससे पहले कांग्रेस ने सार्वजनिक क्षेत्र के दो और बैंकों के प्राइवेटाइजेशन के प्रस्ताव के विरोध में सरकारी बैंकों की हड़ताल का समर्थन किया था| कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार बैंकों को बेचकर डिसइंवेस्टमेंट से जुड़े टारगेट को हासिल करना चाहती है| पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि पब्लिक सेक्टर के बैंकों को बेचने की बजाय में उनमें अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है|