नई दिल्ली: दो सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में नौ यूनियनों के संयुक्त फोरम दो दिन हड़ताल कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन(UFBU) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के खिलाफ देशभर में आज और कल हड़ताल बुलाई है।
सोमवार और मंगलवार को बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते बैंकों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहेगा। विभिन्न संगठनों ने हड़ताल को समर्थन देने का फैसला किया है। इसी क्रम में सोमवार को देश के शहरों में बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
गुजरात: सरकारी बैंकों का निजीकरण करने के सरकार के फैसले के खिलाफ वडोदरा में बैंक कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन(UFBU) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के खिलाफ देशभर में आज और कल हड़ताल बुलाई है।
दिल्ली: यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के खिलाफ देशभर में आज और कल हड़ताल बुलाई है। कनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी।
बिहार: पटना में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे एक बैंक कर्मचारी ने बताया, "बजट में सरकार ने दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा की है, निजीकरण देश के हित में नहीं है।"
उत्तराखंड: राजधानी देहरादून सहित उत्तराखंड के अन्य इलाकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कहीं-कहीं तो बैंक के साथ ही एटीएम भी बंद नजर आए।यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के संयोजक समदर्शी बड़थ्वाल ने बताया कि सरकार के दो सरकारी बैंकों के निजीकरण के फैसले से बैंक कर्मचारियों में आक्रोश है। बताया कि सोमवार सुबह विभिन्न बैंककर्मी गांधी पार्क के गेट पर एकत्र हुए और शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए रैली निकाली।
बैंक कर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने फैसले को जल्द वापस नहीं लिया तो बैंककर्मी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उधर, बैंककर्मियों की हड़ताल को उत्तराखंड ग्रामीण बैंक अधिकारी संगठन ने समर्थन देने की बात कही हैं। संगठन के महासचिव भुवनेंद्र बिष्ट ने कहा कि लंबे समय से बैंककर्मियों की मांगों को सरकार अनदेखा कर रही है।
पिछले चार सालों में 14 सार्वजनिक बैंकों का विलय हुआ
इस साल बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का ऐलान किया था। केंद्र सरकार साल 2019 में पहले ही एलआईसी में आईडीबीआई बैंक का अधिकांश हिस्सा बेच चुकी है। इसके साथ ही पिछले चार सालों में 14 सार्वजनिक बैंकों का विलय हुआ है।
यूएफबीयू में ये यूनियन शामिल हैं
यूएफबीयू के सदस्यों में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयज एसोसिशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉयज (एनसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) और बैंक एम्प्लॉयज कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) शामिल हैं। इसके अलावा इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉयज फेडरेशन (आईएनबीईएफ), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी), नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) और नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) शामिल हैं।