नांदेड़: Bharat Jodo Yatra Day 62: ‘भारत जोड़ो यात्रा’ (Bharat Jodo Yatra) का आज (8 नवंबर को) 62 वां दिन है। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के 62वें दिन की शुरूआत नांदेड़ से हुई। भारत जोड़ो यात्रा सोमवार रात (7 नवंबर को) तेलंगाना से महाराष्ट्र के नांदेड़ पहुंची| यह यात्रा सोमवार रात करीब 9 बजे नांदेड़ जिले के देगलुर से महाराष्ट्र पहुंची।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने से पहले गुरुद्वारा पहुंचे। गुरु नानक जयंती पर वह नांदेड़ जिले के गुरुद्वारा यादगार बाबा जोरावर सिंह फतेज सिंह जी पहुंचे और प्रार्थना की। इस दौरान राहुल गांधी ने केसरिया पगड़ी भी पहनी। कांग्रेस पार्टी की ओर से ट्वीट किया गया कि गुरुद्वारे में राहुल गांधी ने सद्भाव व समानता के लिए प्रार्थना की।
भारत जोड़ो यात्रा का महाराष्ट्र में पहला दिन है| पदयात्रा नांदेड़ जिले में बिलोली के अत्काली से हुई है| महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले, बालासाहेब थोरात, माणिकराव ठाकरे सहित कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के कई नेता मंगलवार सुबह पदयात्रा में राहुल के साथ चलते दिखे|
कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट किया,''आज (मंगलवार रात 2:30 बजे) 'गुरुपूरब’ के पावन पर्व पर श्री Rahul Gandhi ने देगलूर स्थित यादगार बाबा ज़ोरावर सिंह बाबा फतेह सिंह जी के गुरुद्वारा पहुंचकर अरदास की। श्री गुरु नानक देव जी के आशीर्वाद से आपसी सौहार्द और समानता के लिए प्रार्थना की - यही हमारी यात्रा का लक्ष्य है।
इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट किया,'' महाराष्ट्र कांग्रेस द्वारा श्री Rahul Gandhi के भव्य स्वागत के साथ ही महाराष्ट्र में 'भारत जोड़ो यात्रा' का आगाज़। छत्रपति शिवाजी महाराज की इस पावन धरा पर यह यात्रा नए उत्साह और भरपूर जोश के साथ आगे बढ़ रही है।
भारत जोड़ो यात्रा में तिरंगा थामे चल रहे कांग्रेस नेता कृष्णकांत पांडे का हार्ट अटैक से निधन
कांग्रेस सेवा दल के महासचिव कृष्णकांत पांडे का निधन हो गया| कृष्णकांत पांडे कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल थे| कृष्णकांत पांडे हाथ में झंडा लेकर यात्रा में चल रहे थे| राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने कृष्णकांत पांडे के निधन पर शोक जताया है|
राहुल गांधी ने कैम्प साइट पर कांग्रेस सेवा दल के महासचिव कृष्णकांत पांडे जी की पार्थिव देह को पुष्पांजलि अर्पित की। कांग्रेस परिवार इस दुःख की घड़ी में अपनों के साथ खड़ा है।
राहुल गांधी ने ट्वीट किया,''कांग्रेस सेवा दल के महासचिव, कृष्णकांत पांडे जी का निधन पूरे कांग्रेस परिवार के लिए बहुत दुःखद है। उनके प्रियजनों को मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। आज, यात्रा के दौरान अंतिम समय में उन्होंने हाथों में तिरंगा थामा था। देश के लिए उनका समर्पण हमें सदा प्रेरणा देता रहेगा।
15 दिनों तक महाराष्ट्र में रहेगी यात्रा
बता दें, इससे पहले सोमवार को राहुल गांधी ने मशाल के साथ महाराष्ट्र की सीमा में प्रवेश किया था। उन्होंने कहा था कि अगले 15 दिनों के महाराष्ट्र प्रवास के दौरान वह राज्य के लोगों से मिलेंगे और उनके दर्द को सुनेंगे। उन्होंने कहा, कोई भी ताकत उनकी 61 दिन पुरानी यात्रा को रोक नहीं सकती है।
कांग्रेस पार्टी ने कहा,' कन्याकुमारी से शुरू हुई पदयात्रा आज तेलंगाना में ख़त्म होकर महाराष्ट्र की सीमाओं में प्रवेश कर रही है। महाराष्ट्र में भारत जोड़ो यात्रा 14 दिनों तक 381 किलोमीटर भ्रमण करते हुए 15 विधानसभा और 6 संसदीय क्षेत्रों से होकर गुज़रेगी।
यह यात्रा 3570 किलोमीटर की है। बीते 60 दिनों में राहुल लगभग 1200 किलोमीटर पैदल चल चुके हैं। लेकिन इन 1200 किलोमीटर में ही देश के 135 करोड लोगों की उम्मीदों को मज़बूत कर दिया है। आज पूरे देश की ज़ुबान पर भारत जोड़ो यात्रा का नाम है। आज हिंदुस्तान की आवाम.. यहां की संस्कृति, विविधता, भाषाएं...और मूल सिद्धांतों को जिंदा रखने वाले राहुल के संघर्ष की गवाह बन रही हैं।
कांग्रेस पार्टी ने कहा,''राहुल.....वही राहुल, जिसे झुठलाने के लिए गुलाम मीडिया की बड़ी मशीनरी झोंक दी गई है, फेसबुक और व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पर जिसके भाषणों का आधा-अधूरा हिस्सा काटकर चलाया जाता रहा है, वही राहुल जो आज बेख़ौफ़ होकर भारत की सड़कों पर लोगों के हक़ और अधिकार के लिए पदयात्रा कर रहे है। जिसकी आंखों में मुकम्मल हिंदुस्तान को जोड़ने का विजन झलकता है। जिनसे मिलने के लिए माएं और बहनें सड़क पर आ रही हैं, जो अपने पिता की तरह हल्की आंखों से गार्ड को इशारा करते हैं, किसी को मिलने से मत रोको, सबको साथ आने दो।
पार्टी ने कहा,'वही राहुल जिससे लिपटकर माएं रो रही हैं, युवा जिससे क़दम मिलाकर अपनत्व भाव से चल रहे हैं। जो भारत के सैद्धांतिक उसूलों की लड़ाई का ध्वजवाहक है। गांधी, आज़ाद और नेहरु की लड़ाई, सरदार पटेल की लड़ाई, राजीव की लड़ाई। भारत को जोड़ने की लड़ाई।
भारत जोड़ो यात्रा हिंदुस्तान की जम्हूरियत को बचाने की लड़ाई है। साम्प्रदायिक ताक़तों के ख़िलाफ़ यह एक उद्घोष है। बेरोजगारी और भूखमरी से तड़प रहे देश में समावेशी राजनीति और पुनर्जागरण का रास्ता इसी एतिहासिक पद यात्रा से निकलेगा।