नई दिल्ली: किसान आंदोलन आज अपने 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है, ऐसे में कृषि सुधार वाले तीनों नए कानूनों को वापस लेने की जिद पर अड़े किसानों ने आज देशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का एलान किया है। साथ ही नवंबर महीने के अंत से दिल्ली के बॉर्डर पर डेट हजारों किसानों की एक दिन की भूख हड़ताल शुरू हो गई है|
इसी तहत कृषि कानूनों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन ने बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश)में कलेक्टर ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया|
गाजियाबाद में किसानों के समर्थन में जन अधिकार पार्टी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यही नहीं किसानों के समर्थन में सीपीआईएम के कार्यकर्ता भी कलेक्ट्रेट दफ्तर पहुंचे। समाजवादी पार्टी के नेता भी कलेक्ट्रेट दफ्तर के बाहर पहुंचकर धरना दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश ADG (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि,''कुछ ऐसे आपराधिक तत्व हैं जो किसान आंदोलन की आड़ में कुछ गड़बड़ी फैलाना चाहते हैं, ऐसे लोगों पर प्रशासन स्थानीय स्तर पर कार्रवाई कर रहा है|
उत्तर प्रदेश: कृषि कानूनों के विरोध में किसान नेता दलित प्रेरणा स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठे। भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, "सरकार किसानों को आंदोलन में कुछ नया करने के लिए मजबूर न करे और जल्दी हमारी मांग मान ले।"