नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की| मुलाकात करने के बाद राहुल गांधी के आवास से भूपेंद्र सिंह हुड्डा रवाना हुए। भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राहुल गांधी के बीच 45 मिनट तक बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार, भूपेंद्र सिंह हुड्डा पार्टी की हरियाणा इकाई की प्रमुख कुमारी शैलजा के काम करने के तरीकों से नाखुश हैं|
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) द्वारा हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार की समीक्षा किए जाने के कुछ ही दिन बाद बुधवार को असंतुष्टों ने बैठक की थी| पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे पार्टी के लिए बेहद निराशाजनक रहे थे, जो इन चुनावों की मदद से वर्ष 2024 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिए अपनी स्थिति को मजबूत करने की उम्मीद बांध रही थी|
कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह (G-23 Group) के नेताओं ने बुधवार को बैठक कर पार्टी की वर्तमान स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की| कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के आवास पर हुई इस बैठक में कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, शशि थरूर और कई अन्य नेता शामिल हुए| इस बैठक के बाद नेताओं की ओर से एक बयान जारी किया गया|
भाजपा का विरोध करने के लिए कांग्रेस को मजबूत करना जरूरी है, कांग्रेस के जी 23 नेताओं ने बुधवार देर रात संयुक्त बयान जारी कर कहा|कांग्रेस के जी 23 नेताओं की ओर से जारी बयान में कहा गया कि,''हम कांग्रेस पार्टी से 2024 के लिए एक विश्वसनीय विकल्प का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक मंच बनाने के लिए अन्य समान विचारधारा वाली ताकतों के साथ बातचीत शुरू करने की मांग करते हैं|
कांग्रेस के जी 23 नेताओं ने बयान में कहा कि ,''हम सभी सदस्य हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन और नेताओं और कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने से काफी हतोत्साहित हैं| “हम मानते हैं कि कांग्रेस को आगे लेकर जाने के लिए ऐसे मॉडल के साथ आगे बढ़ना होगा जिसमें हर स्तर पर बेहतर नेतृत्व और फैसले लिए जा सकें| कांग्रेस के जी 23 नेताओं ने बयान में यह भी कहा हैं कि इस संबंध में आगे के कदमों की जल्द जानकारी दी जाएगी|
जारी बयान में गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा समेत पृथ्वीराज चव्हाण, मनीष तिवारी, भूपिंदर सिंह हुड्डा, अखिलेश प्रसाद सिंह, राज बब्बर, शंकर सिंह वाघेला, मणिशंकर अय्यर, शशि थरूर , पीके कुरियन, एम ए खान, राजेंदर कौर भट्टल, संदीप दीक्षित, कुलदीप शर्मा, विवेक तन्खा और प्रीणीत कौर का नाम लिखा हुआ है|
वही, CWC बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसके बाद पांचों चुनावी राज्यों - उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा तथा मणिपुर - की पार्टी प्रदेश इकाइयों के अध्यक्षों से इस्तीफा मांग लिया था| कांग्रेस ने रजनी पाटिल, जयराम रमेश, अजय माकन, जितेंद्र सिंह और अविनाश पांडे को चुनाव के बाद की स्थिति का आकलन करने और हाल ही में संपन्न हुए राज्यों में संगठनात्मक परिवर्तन का सुझाव देने के लिए नियुक्त किया है।