नई दिल्ली: सोमवार को आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि,'' रेलवे के लिए रेल योजना 2030 तैयार है। रेलवे के लिए रिकॉर्ड 1,10,055 करोड़ का प्रावधान हौ। सडक़ परिवहन मंत्रालय के लिए 1,18,101 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है| सीतारमण ने कहा कि,]यूरोप और जापान से और अधिक जहाजों को भारत लाने के प्रयास किए जाएंगे। रिसाइंकिलिंग कैपेसिटी जो लगभग 4.5 मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन है उसे 2024 तक दो गुना किया जाएगा। इससे हमारे युवाओं के लिए 1.5 लाख अधिक नौकरियां पैदा होने का अनुमान है|
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार की जाएगी। मेट्रो रेल का 702 किमी पहले से ही परिचालन। 1,016 किमी में पर काम चल रहा है। यात्रियो की सुविधा के लिए विस्टाडोम कोच की शुरूआत। कुल 1.10 लाख करोड़ रुपये का बजट रेलवे को। भारतीय रेलवे के अलावा मेट्रो, सिटी बस बस सेवा को बढ़ाने पर फोकस करेग। 18 हजार करोड़ रुपये की लागत लगाई जाएगी। कोच्चि, बंगलूरू, चेन्नई, नागपुर, नासिक में मेट्रो प्रोजेक्ट को बढ़ावा।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय रेलवे के लि??? रिकॉर्ड 1,10,055 करोड़ रुपये के परिव्यय को स्वीकृत किया गया है जिसमें से 1,07,100 करोड़ रुपये पूंजीगत निवेश के लिए दिए जाएंगे। भारतीय रेलवे ने इंडिया - 2030 के लिए राष्ट्रीय रेल योजना तैयार की है। इसके जरिए भारतीय रेल प्रणाली को 2030 तक भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया जाएगा।
सीतारमण ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने में हमारे उद्योग जगत की सहायता के लिए मालढुलाई की लागत में कमी लाई जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि जून 2022 तक पश्चिमी समर्पित मालढुलाई गलियारा (डीएफसी) और पूर्वी समर्पित मालढुलाई गलियारे की शुरुआत हो जाएगी।
वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि रेलवे को बेहतर बनाने के लिए कई और उपाय किए जाएंगे जिनमें से प्रमुख हैं :
- -पूर्वी मालढुलाई गलियारे के सोनानगर – गोमोह खंड (263.7 किलोमीटर) को सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत 2021-22 तक शुरु किया जाएगा। 274.3 किलोमीटर का गोमोह –दनकुनी खंड भी कुछ समय के बाद प्रारंभ हो जाएगा।
- -भविष्य के लिए समर्पित कई मालढुलाई गलियारे शुरु होंगे। इनमें से पूर्वी तटीय गलियारा खड़गपुर से विजयवाड़ा तक, पूर्वी-पश्चिमी गलियारा भुसावल से खड़गपुर होते हुए दनकुनी तक जाएगा तथा उत्तरी-दक्षिणी गलियारा इटारसी से विजयवाड़ा तक होगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पहले चरण में प्रस्तुत की जाएगी।
- -दिसंबर, 2023 तक ब्रॉडगेज रेलमार्गों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण कर दिया जाएगा। 2021 के अंत तक 72 प्रतिशत लगभग 46 हजार ब्रॉडगेज रुट किलोमीटर - आरकेएम के विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। पहली अक्टूबर, 2020 तक 41,548 ब्रॉडगेज रुट किलोमीटर का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है।
यात्रियों के लिए सुरक्षा और सुविधा
सीतारमण ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई उपायों की घोषणा की :
1. देश में पर्यटन वाले रेल मार्गों पर यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त विस्टा डोम एलएचबी कोच को रेलगाड़ियों में लगाया जाएगा।
2, अत्यधिक व्यस्त और अधिक प्रयोग किए जाने वाले रेलमार्गों पर यात्रियों को सुविधा प्रदान करने तथा रेल दुर्घटनाओं में न्यूनतम मानवीय हानि के लिए स्वदेश में विकसित रेल सुरक्षा प्रणाली का प्रयोग किया जाएगा।
केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्द्रीय बजट 2021-22 में सड़कों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए उपायों की घोषणा की। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के लिए 1,18,101 करोड़ रुपये का बढ़ा परिव्यय प्रदान किया, इसमें से 1,08,230 करोड़ रुपये का पूंजीगत परिव्यय अब तक का सबसे अधिक है।
सीतारमण ने संसद को बताया कि 5.35 लाख करोड़ रुपये की भारतमाला परियोजना के तहत 3.3 लाख करोड़ रुपये की 13,000 किलोमीटर लम्बी सड़के पहले ही प्रदान की जा चुकी है। इसमें से 3,800 किलोमीटर लम्बी सड़कों का निर्माण हो चुका है। मार्च, 2022 तक 8,500 किलोमीटर लम्बी सड़के और बनाई जाएगी। इसके अतिरिक्त 11,000 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे भी पूरे कर लिए जाएंगे।
सीतारमण ने कहा कि सड़कों के बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए और अधिक आर्थिक गलियारे बनाने की योजना हैः
1.तमिलनाडु में 1.03 लाख करोड़ रुपये के निवेश से 3,500 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का कार्य किया जाएगा। इसमें मदुरई-कोल्लम गलियारा और चित्तूर-थाच्चूर गलियारा शामिल है। इनका निर्माण कार्य अगले वर्ष शुरू होगा।
2.केरल में 65,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,100 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण, जिसमें 600 किलोमीटर लम्बा बुम्बई से केरल में कन्याकुमारी तक गलियारा शामिल है।
3.पश्चिम बंगाल में 25,000 करोड़ रुपये लागत का 675 किलोमीटर का राजमार्ग निर्माण कार्य, जिसमें मौजूदा कोलकाता-सिलिगुड़ी सड़क का सुधार कार्य शामिल है।
4. असम में 19,000 करोड़ रुपये लागत का राष्ट्रीय राजमार्ग कार्य इस समय जारी है। राज्य में अगले तीन वर्षों में 34,000 करोड़ रुपये लागत के 1,300 किलोमीटर लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य किया जाएगा।
महत्वपूर्ण सड़क और राजमार्ग परियोजनाएं
वर्ष 2021-22 में कुछ महत्वपूर्ण गलियारे और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं बनाने का काम किया जाएगा।
-दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वेः 260 किलोमीटर का शेष कार्य 31/03/2021 तक प्रदान कर दिया जाएगा।
-बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेस-वेः 278 किलोमीटर का कार्य मौजूदा वित्त वर्ष में शुरू हो जाएगा। निर्माण कार्य 2021-22 में शुरू होगा।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियाराः 210 किलोमीटर की गलियारे का कार्य मौजूदा वित्त वर्ष में शुरू होगा। निर्माण कार्य 2021-22 में आरंभ होगा।
-कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वेः राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-27 के लिए वैकल्पिक 63 किलोमीटर के एक्सप्रेस-वे का कार्य 2021-22 में आरंभ होगा।-चेन्नई-सेलम गलियाराः 277 किलोमीटर लम्बे एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य 2021-22 में आरंभ होगा।
-रायपुर-विशाखापत्तनमः छत्तीसगढ़, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश से होकर गुजरने वाले 464 किलोमीटर लम्बी सड़क की परियोजना मौजूदा वर्ष में प्रदान की जाएगी। निर्माण कार्य 2021-22 में आरंभ होगा।
-अमृतसर-जामनगरः निर्माण 2021-22 में शुरू होगा।
-दिल्ली-कटराः निर्माण कार्य 2021-22 में आरंभ होगा।
स्पीड रडार, संकेतक साइन बोर्ड, जीपीएस युक्त रिकवरी वाहन के साथ उन्नत परिवहन प्रबंधन प्रणाली सभी नए 4 और 6 लेन वाले राजमार्गों पर स्थापित की जाएगी।