नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को ‘वन रैंक, वन पेंशन’ (ओआरओपी) के तहत रक्षा बलों के कार्मिकों/पारिवारिक पेंशनभोगियों की पेंशन में अगले पुनरीक्षण को मंजूरी दे दी है। रक्षा बलों के पेंशनभोगी/पारिवारिक पेंशनभोगी को ओआरओपी प्रस्ताव के अनुरूप बढ़ी हुई पेंशन मिलेगी।
मंत्रिमंडल का यह निर्णय दिनांक 01 जुलाई 2019 से ओआरओपी के तहत रक्षा बलों के कार्मिकों /पारिवारिक पेंशनभोगियों की पेंशन के पुनरीक्षण के प्रति भारत सरकार की वचनबद्धता को पूरा करेगा। पिछले पेंशनभोगियों की पेंशन कैलेंडर वर्ष 2018 में समान सेवा अवधि के साथ समान रैंक पर सेवानिवृत्त होने वाले रक्षा बलों के कार्मिकों की न्यूनतम पेंशन के औसत के आधार पर फिर से निर्धारित की जाएगी। इस औसत से अधिक पेंशन पाने वाले लोगों की पेंशन को संरक्षित किया जाएगा।
यह लाभ युद्ध में शहीद सैन्य कर्मियों की विधवाओं और दिव्यांग पेंशनरों सहित पारिवारिक पेंशनरों को भी दिया जाएगा। यह युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए आकर्षित करेगा।
बकाये का भुगतान चार छमाही किस्तों में किया जाएगा। हालांकि, विशेष/उदारीकृत पारिवारिक पेंशन पाने वालों और वीरता पुरस्कार विजेताओं सहित सभी पारिवारिक पेंशनरों को एक किस्त में बकाये का भुगतान किया जाएगा।
अनुमानित वार्षिक वित्तीय प्रभाव की गणना 8450.04 करोड़ रुपये @ 31 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) के रूप में की गई है। महंगाई राहत के अनुसार दिनांक 01 जुलाई 2019 से 31 दिसंबर 2021 तक के प्रभावी बकाये की गणना 19316.79 करोड़ रुपये के रूप में की गई है।
25 लाख पेंशनरों को होगा लाभ
पुराने ओआरओपी के लाभार्थियों सहित लगभग 2513002 रक्षा बलों के पेंशनभोगी/पारिवारिक पेंशनभोगी इससे लाभान्वित होंगे।
स्वेच्छा से सेवानिवृत्त लेने वाले कर्मियों को नहीं मिलेग लाभ,
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा,' केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, 1.7.2014 के बाद हुए सेवानिवृत्त हुए सुरक्षा कर्मियों को मिलाकर OROP के लाभार्थियों की संख्या 25,13,002 पर पहुंच गई है। 1.4.2014 से पहले यह संख्या 20,60,220 थी। इससे सरकार पर अतिरिक्त भार 8,450 करोड़ रुपए का पड़ेगा| जिन रक्षा कार्मिकों ने 1.7.2014 के बाद अपनी इच्छा से सेवानिवृत्त लिया है उन्हें यह लाभ नहीं मिलेगा|