लखनऊ: गोमती रिवरफ्रंट घोटाले मामले में सीबीआई ने एक सेवानिवृत्त कार्यकारी अभियंता रूप सिंह यादव समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया|दोनों को पूछताछ के लिए 4 दिन के लिए सीबीआई रिमांड पर लाया गया है|
सीबीआई ने लखनऊ मंडल शारदा नहर के तत्कालीन कार्यकारी अभियंता (अब सेवानिवृत्त) और सिंचाई विभाग के एक वरिष्ठ सहायक को गोमती नदी चैनलाइजेशन परियोजना के कार्यान्वयन में अनियमितता के आरोपों और सिंचाई विभाग, यूपी सरकार के गोमती रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के आरोपों में गिरफ्तार किया है|
सीबीआई के एक आला अधिकारी ने बताया की गोमती रिवर फ्रंट मामले की जांच के दौरान आरंभिक पूछताछ के बाद इस परियोजना के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता (अब सेवानिवृत्त) लखनऊ मंडल शारदा नहर लखनऊ रूप सिंह यादव और सिंचाई विभाग में ही तैनात वरिष्ठ सहायक राजकुमार यादव को सीबीआई ने आज गिरफ्तार कर लिया| आरोप है कि इस घोटाले के दौरान जो अनियमितताएं सामने आई उनमें इन दोनों की भी अहम भूमिका थी
बता दें कि अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल में लखनऊ में गोमती नदी के तट पर बने रिवर फ्रंट को समाजवादी पार्टी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया गया था| इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद से ही इसमें बड़े घोटाले के आरोप लगते रहे थे|यूपी में योगी सरकार आने के बाद इसकी प्रारंभिक जांच के बाद केस सीबीआई के हवाले कर दी गई थी|
सीबीआई ने राज्य की भाजपा सरकार की सिफारिश के बाद 2017 में मामले की जांच का जिम्मा अपने हाथ में लिया था। भाजपा सरकार ने कथित अनियमितताओं पर गौर करने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। अधिकारियों ने कहा कि समिति ने प्रथम दृष्टया परियोजना में प्रशासनिक अनियमितता पाई और उसने कई अधिकारियों के खिलाफ गहन जांच की सिफारिश की थी।