नई दिल्ली : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के 17 ठिकानों पर शुक्रवार को CBI ने छापेमारी की है। रेलवे भर्ती बोर्ड में हुई गड़बड़ी के मामले में ये कार्रवाई हुई है। लालू यादव के ख़िलाफ़ 'रेलवे नौकरी घोटाले के लिए जमीन' से जुड़े मामले में एक नया मामला दर्ज़ किया गया| केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने राजद प्रमुख लालू यादव और उनकी बेटी के खिलाफ भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज किया है। इसके बाद लालू यादव को लेकर दिल्ली और बिहार में 17 जगहों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की छापेमारी चल रही है|
लालू यादव के कई ठिकानों पर CBI की छापेमारी पर BJP नेता सुशील मोदी का कहना है कि,''जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तो उन्होंने ग्रुप-डी की नौकरी देने के बदले में दर्जनों लोगों से ज़मीन लिखवा ली थी। इनका ये कहना था कि तुम हमें अपनी ज़मीन दो और हम तुम्हें ग्रुप-डी की नौकरी देंगे|
सुशील मोदी का कहना है कि,ये ज़मीन सीधे अपने नाम नहीं लिखवाते थे बल्कि किसी और के नाम पर ज़मीन लिखवाकर उसे 5-6 साल बाद उनसे उस ज़मीन को खुद को उपहार में दिलवा लेते थे, यह था इनके काम करने का ढंग|
लालू यादव के ठिकानों पर CBI छापे पर बिहार के मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि,'' उनके ठिकानों पर छापा कोई नई बात नहीं है। कई मामलों में CBI कोर्ट और अन्य कोर्ट से भी सजा हुई। पहले से कई और लंबित मामले हैं, जिन पर CBI काम कर रहा है। इसको हमें अलग तरीके से देखने की क्या जरूरत है?: