नई दिल्ली: सीबीआई ने 20 बैंकों के समूह को लगभग 4037.87 करोड़ रु. की हानि पहुंचाने के आरोप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से प्राप्त शिकायत के आधार पर कोलकाता स्थित निजी कंपनी एवं अन्यों जिसमें इसके प्रोत्साहक/निदेशक, अज्ञात लोक सेवक व निजी व्यक्ति शामिल है, के विरुद्ध मामला दर्ज किया।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, अग्रणी बैंक, ने दिनाँक 30.09.2013 को खाते को गैर निष्पादित खाता (N P A) के रूप में घोषित किया एवं बाद में, बैंक समूह के अन्य सदस्यों ने भी उक्त खाते को एनपीए के रूप में वर्गीकृत किया। उक्त उधारकर्ता कंपनी के खातों को दिनांक 25.10.2019 को धोखाधड़ी वाला घोषित किया गया।
ऐसा आगे आरोप है कि वर्ष 2009 से 2013 के मध्य, उक्त उधारकर्ता ने हेरफेर युक्त प्रोजेक्ट लागत विवरण (manipulated project cost statements) पेश किया एवं बैंक धनराशि को पथांतरित (Divert) किया। यह भी आरोप है कि व्यापार प्राप्तियों( Trade Receivables) में मुख्य रूप से संबद्ध पक्षों हेतु लेनदेन शामिल हैं एवं धनराशि को विभिन्न कंपनियों के जाल, जो डमी खाते थे, की आड़ में पथांतरित किया गया, जिससे उधारकर्ता, धनराशि को बेईमानी से निकालने में सक्षम हुए।
नागपुर, मुंबई, रांची, कोलकाता, दुर्गापुर, गाज़ियाबाद, विशाखपट्टणम आदि सहित 16 स्थानों पर तलाशी ली गई, जिससे आपत्तिजनक दस्तावेज, सामान आदि बरामद हुए।
इस मामले में जाँच जांच जारी है।