मुख्य सामग्री पर जाएँ
24 अगस्त 2026

जब PM छल और कपट से झूठ बोलकर देश को किसान की हालत के बारे में बरगलाएं तो इससे पीड़ादायक बात और क्या सकती है?, कांग्रेस ने PM मोदी से पूछे कई सवाल

नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे किसानों के आंदोलन को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,मोदी जी सीधे सवालों का सीधा जवाब दीजिए। आप खेती विरोधी 3 काले कानून कब खत्म करेंगे…

जब PM छल और कपट से झूठ बोलकर देश को किसान की हालत के बारे में बरगलाएं तो इससे पीड़ादायक बात और क्या सकती है?, कांग्रेस ने PM मोदी से पूछे कई सवाल
जब PM छल और कपट से झूठ बोलकर देश को किसान की हालत के बारे में बरगलाएं तो इससे पीड़ादायक बात और क्या सकती है?, कांग्रेस ने PM मोदी से पूछे कई सवाल | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे किसानों के आंदोलन को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,मोदी जी सीधे सवालों का सीधा जवाब दीजिए। आप खेती विरोधी 3 काले कानून कब खत्म करेंगे..? उन्हें संसद में ज़बरदस्ती क्यों पारित किया गया? MSP ख़त्म करने का षड्यंत्र क्यों किया जा रहा है...? अनाज मंडियों को क्यों ख़त्म किया जा रहा है....?




कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,,' मोदी जी, देश के प्रधानमंत्री होकर आप 62 करोड़ किसानों की रोजी-रोटी छीनने का षड़यंत्र क्यों कर रहे हैं...? देश का अन्नदाता किसान करहा रहा है, न्याय मांग रहा है, लेकिन आप कंटीले तार, आंसू गैस, पुलिस की लाठियों एवं डंडों से और सरकार के बल से उसकी हिम्मत को तोड़ने की कोशिश क्यों कर रहे हैं..? और काशी की पवित्र धरती पर जाकर जब देश के प्रधानमंत्री छल और कपट से झूठ बोलकर देश को किसान की हालत के बारे में बरगलाएं तो इससे पीड़ादायक बात और हो भी क्या सकती है..?




मोदी जी सीधे सवालों का देश को सीधा जवाब दीजिए। देश के किसान और लेकिन को जवाब दीजिए- आप खेती विरोधी तीन काले कानून कब खत्म करेंगे..? खेती विरोधी तीन काले कानून संसद में जबरदस्ती क्यों पारित करवाए थे..? न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म करने का षड़यंत्र क्यों किया जा रहा है? 25 लाख करोड़ रुपए का खेती का कारोबार आप मुट्ठी भर उद्योगपतियों को क्यों देना चाहते हैं? अनाज मंडियों को क्यों खत्म किया जा रहा है?




ये प्रश्न हैं, जिनका आप जवाब दे नहीं रहे और ये प्रश्न हैं, जिनका जवाब किसान मांगता है। अगर ये काले कानून किसान के पक्षधर हैं, तो फिर मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिसा, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र सहित पूरे देश का किसान आंदोलनरत क्यों है...? और आप न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी इन काले कानूनों के अंदर देने से गुरेज क्यों कर रहे हैं? सवाल सीधे ये हैंऔर देश को बरगलाने से पहले देश को सच्चाई जानना जरुरी है और सच्चाई ये है कि जब से मोदी सरकार आई है, तब से किसान विरोधी फैसले लिए जा रहे हैं।



फैसला नंबर एक: जून, 2014 मेंमोदी जी आपनेशासन संभालतेही, आपनेहर प्रांत को लिखकर आदेश दिया - किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बोनस नहीं दिया जाएगा। कई प्रांतो मेंलागत एग्रीकल्चर प्राईस कमीशन की एमएसपी सेज्यादा है। वहाँबोनस क्यों नहीं दिया जा सकता, आपनेउस पर पाबंदी क्यों लगाई? क्या येकिसान विरोधी नहीं?





दसरा: दिसंबर, 2014 मेंकिसान की भूमि एक्वायर होनेके उचित मुआवजा कानून को खत्म करनेका अध्यादेश मोदी जी आप लेकर आए। राहुल गांधी जी के नेतृत्व मेंदेश के किसान नेरामलीला ग्राउंड सेलेकर देश के कोने-कोनेमेंहुंकार भरी, तो आपको मजबूरन वो कदम पीछेलेना पड़ा। क्या वो किसान विरोधी नहीं? 



तीसरा: फरवरी, 2015 में मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा कि किसान को लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि उससे मार्केट डिस्ट्रोट हो जाएगी। जब आपने सत्ता ली, तब तो किसान को 50 प्रतिशत मुनाफा देना था, परंतु सत्ता में आने ??े बाद किसान को लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा नहीं..? 




चौथा: 24 मार्च, 2017 को देश की संसद के अंदर आपने ये कहा किसान की कर्ज माफी नहीं हो सकती। आज कर्ज माफी का रोना रो रहे हैं, पर आप ने तो एक फूटी कौड़ी देने से किसान को इंकार कर दिया। कांग्रेस ने 2008- 2009 के अंदर 72 हजार करोड़ रुपए माफ किया था|



4 करोड़ 30 लाख किसानों का और फसल बीमा योजना के नाम पर क्या घालमेल और घोटाला चल रहा है। अभी तक 90 हजार करोड़ रुपए प्राईवेट बीमा कं पनियों को प्रिमियम दे दिया और उन्होंने 26 हजार करोड़ रुपए से अधिक का मुनाफा कमा लिया। आप बात करते हैं किसान निधि योजना की। 



5 वीं: 2015-16 के कृषि सेंसस के मुताबिक इस देश के अंदर 14 करोड़ 65 लाख किसान हैं। उनमें से 6 करोड़ किसानों को तो आप फूटी कौड़ी देते नहीं और जिन किसानों को आप देते भी हैं, आप एक किसान को 6 हजार रुपए देते हैं और उसकी जेब से 30 हजार रुपए दो हैक्टेयर का निकाल लेते हैं।





हम बताते हैं कैसे:  आपने खाद पर, बीज पर, किटनाशक दवाई पर और ट्रैक्टर पर 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया। पेट्रोल और डीजल, डीजल की कीमत 25 रुपए लीटर बढ़ा कर 15 लाख करोड़ रुपए कमा लिए। यही नहीं खाद की कीमतें बढ़ा दी। 30 हजार रुपए कमाते हैं और 6 हजार रुपए किसान को देकर उस पर अहसान करते हैं। सच्चाई का सामना कीजिए, किसान के साथ न्याय कीजिए, काले कानून खत्म करिए, वरना गद्दी छोड़ दीजिए। यही देश का किसान कहता है, Speak Up For Farmers !











tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 30 नवंबर 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।