नई दिल्ली: COVID-19 के बढ़ते मामले और दुनिया में संक्रमण के मामले में दूसरे नंबर पर आने के बाद कांग्रेस ने सोमवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस ने कहा कि सरकार इस महामारी पर काबू पाने में विफल रही है। पार्टी ने प्रधानमंत्री से इस बारे में जवाब भी मांगा है।कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'सरकार को ये भी स्पष्ट करना चाहिए कि देश सामुदायिक संक्रमण की स्थिति में पहुंचा है या नहीं। मेट्रो सेवा फिर से शुरू होने से महामारी के मामले फिर बढ़ सकते हैं।'
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण - भारत दूसरे नम्बर पर। प्रतिदिन कोरोना संक्रमण व प्रतिदिन मृत्यदर में भारत 1 नम्बर पर। पर मोदी जी कहाँ हैं? रोम जल रहा था, नीरो बंसी बजा रहा था।भारत आज दुनिया की ‘कोरोना कैपिटल’ बन गया है रोम जल रहा था - नीरो बंसी बजा रहा वैसे ही... देश कोरोना की गर्त में जा रहा - मोदी जी मोर को दाना चुगा रहे
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि,''आज समूचे देश में कोरोना महामारी के संक्रमण में भारत दुनिया में अब दूसरे स्थान पर है। पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना संक्रमण के 90,633 केस आए हैं| भारत प्रतिदिन कुल कोरोना मामलों में पहले नंबर पर; प्रतिदिन कोरोना मृत्यु दर में पहले नंबर पर; संक्रमण डबल होने की दर में पहले नंबर पर; कुल संक्रमित मामलों में दूसरे नंबर पर; सक्रिय मामलों में दूसरे नंबर पर; कुल मौतों में तीसरे नंबर पर है |
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा,विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार यही रही तो:-
1.30 नवंबर तक कुल कोरोना संक्रमण के मामले 1 करोड़
2.30 दिसंबर तक 1.40 करोड़ हो सकते हैं।
3.कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या 1,75,000 तक बढ़ने की आशंका व खतरा है
आठ बिंदुओं की क्रोनोलॉजी देखिए:- पहला बिन्दु - 12 फरवरी, 2020 : मोदी सरकार ने कहा कि ‘कोरोना चिंता का विषय नहीं’। श्री राहुल गांधी की 12 फरवरी की चेतावनी को सिरे से नकारा,
दूसरा बिंदु- 24 फरवरी, 2020: अहमदाबाद में नमस्ते ट्रम्प इवेंट के लिए 1 लाख लोगों को इकट्ठा किया।
तीसरा- मार्च 2-5, 2020: कोरोना के बारे में 5 मार्च को श्री राहुल गांधी द्वारा दी गई चेतावनी को खारिज करते हुए, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि 'चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है'|
चौथा बिंदु - 24 मार्च, 2020 : सुबह खरीद फरोख्त से कांग्रेस की मध्यप्रदेश की सरकार गिराई। रात 12 बजे से एकदम देश में लंबा लॉकडाउन लगाया
पांचवां बिंदु- 25 अप्रैल 2020: एनआईटीआईयोग के सदस्य और कोरोना प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री वीके पॉल ने बताया कि नए कोरोना संक्रमण के मामले 15 मई, 2020 के बाद नहीं आएंगे|
छठा बिंदु - 4 मई, 2020 : स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता व संयुक्त सचिव, लव अग्रवाल ने ऑफिशियल प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि कोरोना की कर्व अब फ्लैट यानि शिथिल हो गई है। अब बढ़ोत्तरी नहीं है
सातवां बिंदु - 27 जून, 2020: मोदी जी ने राष्ट्र के नाम एक संदेश में कहा कि भारत में बढ़ते कोरोना संकट की आशंका सही नहीं थी। उन्होंने कहा कि भारत की हालत अन्य देशों से बेहतर है|
आठवाँ बिंदु - 6 सितंबर, 2020 : भारत कुल कोरोना संक्रमण में दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुँचा। प्रतिदिन कोरोना संक्रमण व कोरोना से होने वाली मौतों में दुनिया में भारत पहले नंबर पर पहुँचा
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा,मोदी जी के तालाबंदी और आदेशों के दस परिणाम:
1. सैकड़ों हजारों प्रवासी श्रमिकों ने पैदल घर लौटने को मजबूर किया, सैकड़ों हजारों किलोमीटर पैदल चलकर, 150 से अधिक की मृत्यु हो गई|
2. संघीय ढांचे को तार-तार करते हुए लॉकडाऊन से पहले मोदी जी ने किसी प्रांत व मुख्यमंत्री की राय नहीं ली। देश के इतिहास में एक व्यक्ति की मनमानी वाला यह सबसे बड़ा निर्णय है
3. विशेषज्ञों और कांग्रेस के बार-बार अनुरोध के बावजूद कोरोना संक्रमण को 'टेस्ट-ट्रेस-आइसोलेटेड' नीति द्वारा रोका नहीं गया। जरूरत पड़ने पर परीक्षण रैंप पर नहीं किया गया। लॉकडाउन के दौरान भी संपर्क ट्रेसिंग का उपयोग करके संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया:
4. दुनिया में भारत अकेला ऐसा देश है, जहां चार बार लॉकडाउन का भी इस्तेमाल सरकार कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए नहीं कर पाई। उल्टा लॉकडाउन खुलते ही संक्रमण और मृत्यु बेतहाशा बढ़ी हैं|
5. ताली पीटना, बर्तन पीटना, मोमबत्ती जलाना टेलीविजन पर अच्छा लगता है, लेकिन उन्होंने महामारी को रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया, संक्रमण के प्रसार पर न अंकुश लगाया या न डूबती अर्थव्यवस्था की ओर रुख किया
6. कोरोना से जमीन पर लड़ाई प्रांतीय सरकारें लड़ रही हैं। उनकी मदद तो दूर, भारत सरकार ने प्रांतों का जीएसटी का हिस्सा तक देने से इंकार कर दिया
7. मोदी सरकार ने पहले परामर्श राज्यों के बिना लॉकडाउन लगाया, फिर इसे तीन बार बढ़ाया, फिर चार बार अनलॉक आदेश दिए। लेकिन संक्रमण, मृत्यु दर, रोजगार को खोने या डूबती अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए कोई नीति नहीं दी गई|
8. आर्थिक पीड़ा, डूबे व्यवसाय, टूटी ईएमआई व बर्खास्त नौकरियों से जूझ रहे लोगों का आज भी मोदी सरकार अपना पल्ला झाड़ तथा भगवान पर इल्जाम लगा मजाक उड़ा रही है
9. कोरोना अब छोटे शहरों, कस्बों और गांवों तक पहुंच गया है, लेकिन मोदी सरकार बेखबर है। यह खतरनाक है क्योंकि देश की 65% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, लेकिन केवल 35% अस्पताल के बिस्तर और 20% डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में हैं|
10. अधिकतर विशेषज्ञों के मुताबिक देश में कोरोना संक्रमण की ‘दूसरी लहर’ चल रही है। कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना का ‘कम्युनिटी ट्रांसमिशन’ यानि ‘सामुदायिक प्रसार’ शुरू हो चुका है। परंतु सरकार को इस बारे में या तो जानकारी नहीं या समझ नहीं
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पूछा,- कोरोना संक्रमण को करोड़ों में जाने से कैसे रोकेंगे?
- कोरोना से हो रही बेतहाशा मौतों पर कैसे नियंत्रण होगा?
- डूबती अर्थव्यवस्था को कैसे उबारेंगे?
- क्या कोई हल है या फिर भगवान पर इल्जाम लगा देंगे? :