नई दिल्ली: कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा 2021-22 के लिए पेश किए गए केंद्रीय बजट को 'धोखेबाज़ बजट' बताया| कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,'इस बजट का सार है 'धोखा'। यह धोखेबाज बजट है। केंद्र सरकार ने रक्षा बजट नहीं बढ़ाया। जिस प्रकार से राजकोषीय और वित्तीय घाटा लगभग 9.5-10% तक पहुंच गया है, यह निवेशक और अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की बड़ी घंटी है|
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,मोदी सरकार के इस बजट का अगर एक शब्द में सार किया जाए वह है - धोखेबाज बजट। इस बजट का सार ही है धोखा, यह धोखे पर आधारित है| जैसा कि उन्होंने विनिवेश के बारे में चर्चा करते हुए कहा तो इसके बारे में केवल दो लाइन में कहा जा सकता है कि 'बेच खाएंगे सब कुछ और छोड़ेंगे नहीं अब कुछ'
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा,''इस बजट ने गरीब को धोखा दिया, नौकरी पेशा लोगों को धोखा दिया, मजदूर-किसान, छोटे उद्योग को धोखा दिया और उन सांसदों को भी धोखा दिया जो वित्त मंत्री के बजटीय भाषण को सुन रहे थे| जो चीज़ें देश की सुरक्षा और अस्मिता के लिए आवश्यक थी उनकी चर्चा तक वित्त मंत्री ने नहीं की। उदाहरण के तौर पर, आपने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े डिफेंस बजट में एक फूटी कौड़ी तक नहीं बढ़ायी गयी|
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,''ऐसे समय में जब चीन हमारी सरजमीं पर कब्जा किए है। रक्षा बजट की चर्चा तक ना करना इस देश की सरकार की प्राथमिकता या उसकी कमी की ओर इशारा करता है| अगर फाइनेंस कमीशन और कॉस्ट ऑफ वैक्सीनेशन को निकाल दिया जाए तो यहां तक कि ड्रिंकिंग वाटर और सेनिटेशन का बजट भी स्वास्थ्य के अंदर जोड़कर एक आंकड़ों की मायावी जादूगरी पेश करने की नाकाम कोशिश की गयी|
सुरजेवाला ने कहा कि,''जिस प्रकार से राजकोषीय घाटा और वित्तीय घाटा लगभग साढ़े नौ और 10% तक पहुंच गया है यह निवेशकों के लिए और देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की बड़ी घंटी है| सरकारी खर्च में एक पैसे की बढ़ोतरी ना करना जिससे अर्थव्यवस्था और रोजगार दोनों उत्पन्न होते, यह अपने आपमें इस सरकार की इस गलत प्राथमिकताओं को दिखाता है|
- सबसे बड़ा धोखा खेती के साथ किया गया, खेती का बजट लगभग 6% काट दिया गया
- मार्केट इंटरवेंशन स्कीम को 2000 करोड़ से 1500 करोड़ कर दिया गया
- पीएम किसान योजना जिसकी बार-बार चर्चा की जाती है उसमें 13% की कटौती कर दी गई|
- लघु और छोटे उद्योगों को बड़ा झटका देते हुए मात्र 15700 करोड की घोषणा हुई
- सभी सरकारी बैंकों पर तालाबंदी करने की ओर एक और कदम अग्रसर किया गया
- नौकरी पेशा और मध्यम वर्ग के लोगों के साथ बड़ा धोखा हुआ, एक फूटी कौड़ी की राहत नहीं मिली|
सुरजेवाला ने कहा कि,''जो भी प्रोविजन इस बजट में दिए गए वह केवल चंद अमीरों की मदद करेंगे। जैसा कि आपने फरमाया यह बजट हर पायदान पर औंधे मुंह गिरा है और इस बजट का एक शब्द में सार है- 'धोखा'
पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि वित्त मंत्री ने रक्षा पर खर्च का कोई जिक्र नहीं किया है| पी चिदंबरम ने कहा कि वित्त मंत्री ने स्वास्थ के आंकड़े दिए उसमें वैक्सीन का खर्चा जोड़ा और फाइनेंस कमीशन की ग्रांट भी जोड़ दी|पे ज 10 पर बजट ग्लान्स में अलग आंकड़े हैं जिससे साफ है खर्च कम हुआ है| रक्षा और स्वास्थ्य बजट में कोई कमी नहीं आनी चाहिए थी| हमने पहले ही कहा था|