नई दिल्ली: भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप से स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगी है। देश में कई जगहों से वैक्सीन की किल्लत, ऑक्सीजन और बेड्स कमी की शिकायतें आ रही हैं।देश में कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों और चरमराती स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आक्रामक रुख अख्तियार किया है| मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि भारत सरकार के एम्पावर्ड ग्रूप द्वारा मार्च 2020 में ऑक्सीजन की कमी को लेकर चेताए जाने के बावजूद सरकार ऑक्सीजन विदेश भेजती रही|
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार से पूछा,'' 50,000 मेट्रिक टन ऑक्सिजन कब आएगी और कब मिलेगी| तब तक दम तोड़ते मरीज़ों और उनके परिवारों को क्या कहें? कि मोदी जी 18 घंटे मेहनत कर शायद 6 महीने में ऑक्सिजन मंगा देंगे, साँसे रोके रखें?
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने tweet कर लिखा कि,देश में ऑक्सिजन क्यों नही? क्या मोदी सरकार बेख़बर थी?
चौंकिए मत-
1. मार्च 2020 में भारत सरकार के एम्पावर्ड ग्रूप ने ऑक्सिजन उपलब्ध करने बारे चेताया।
2. पर मोदी सरकार ने अप्रैल 20-जनवरी 21 के बीच 9,294 मेट्रिक टन ऑक्सिजन विदेश निर्यात कर दी। अब 16 अप्रैल, 2021 को मोदी सरकार कह रही है कि वो 50,000 मेट्रिक टन ऑक्सिजन आयात करेंगे।
जब अप्रैल 2021 में ऑक्सिजन आयात का ऑर्डर दे रहे हो तो फिर अप्रैल 2020-जनवरी 2021 के बीच लगभग 10,000 मेट्रिक टन ऑक्सिजन विदेश क्यों भेज रहे थे?
और ये 50,000 मेट्रिक टन ऑक्सिजन कब आएगी और कब मिलेगी, इसका कुछ अता पता नही। तब तक दम तोड़ते मरीज़ों और उनके परिवारों को क्या कहें? कि मोदी जी 18 घंटे मेहनत कर शायद 6 महीने में ऑक्सिजन मंगा देंगे, साँसे रोके रखें?
3. PM CARE Fund से 21 अक्टूबर, 2020 को देश के 150 अस्पतालों में ऑक्सिजन प्लांट लगाने का टेंडर जारी किया गया। 6 महीने बाद तक उनका अता पता नही।
4. अब 6 अप्रैल, 2021 को 100 नए ऑक्सिजन प्लांट लगाने की नई घोषणा हो गई। जब तीसरी कोरोना वेव आएगी तो तीसरी घोषणा हो जाएगी। बस टेलिविज़न की सुर्ख़ियाँ देखिए और मोदी सरकार के गुणगाण करिए की क्या बढ़िया काम कर रहे हैं।
5. 18 घंटे काम करने वाली देश की सरकार ने ऑक्सिजन ट्रांसपोर्ट करने वाले टैंकर का इंतज़ाम ही नही किया।
न ही ऑक्सिजन ले जाने वाले जम्बो व डयूरा सिलेंडर उपलब्ध हैं।
न ही 1 साल में अस्पतालों में ऑक्सिजन स्टोर करने की क्षमता बढ़ाई।
क्योंकि वो किसान मज़दूर आढ़ती की रोज़ी रोटी छीनने, दुकान धंधे बंद करवाने, अर्थ व्यवस्था डुबोने, रोज़गार छिनने में व्यस्त थे।
मोदी और भाजपा है तो यही मुमकिन है।