नई दिल्ली: बिना- सब्सिडी के रसोई गैस सिलेंडर की कीमत बुधवार को 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा दी गई| इसके साथ ही विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत भी 6.3 प्रतिशत बढ़ा दी गई है| सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम उत्पाद विपणन कंपनियों द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर (Gas cylinders) की कीमत 644 रुपये से बढ़कर 694 रुपये कर दी गई है|इस सिलेंडर की कीमतों में इस महीने यह दूसरी बढ़ोतरी है|इससे पहले एक दिसंबर को भी इसकी कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी|
रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी और किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है| कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनाते ने कहा कि,''आज हालत ये है कि पिछले 15 दिनों में रसोई गैस के सिलेन्डर का दाम 100 रूपए बढ़ा दिया गया है। पहले,'दिल्ली, मुंबई जैसी जगहों में यह 644, कलकत्ता में 620 और चेन्नई में यह 610 रूपए प्रति सिलेन्डर बिक रहा है|
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनाते ने कहा कि,'ये सरकार आपकी जेब पर तब भी डाका डालेगी जब दाम बढ़ते हैं, और तब भी जब दाम घटते हैं। लॉकडाउन के दौरान कच्चे तेल का दाम घटकर लगभग 20 डॉलर प्रति बैरल हो गया था। क्या हमने कम दाम दिए LPG के या पेट्रोल डीजल के..? श्रीनाते ने कहा कि,''LPG सिलेन्डर पर दाम बढ़ाकर आप बहुत सी दिक्कतें पैदा करते हैं, जिसमें सबसे पहले वो गृहिणी आती हैं जिनका पूरा मासिक बजट बिगड़ जाता है|
उन्होंने कहा,''रिपोर्ट्स बताती हैं कि लोगों के पास LPG सिलेंडर खरीदने का पैसा ही नहीं है। महिलाओं ने फिर से चूल्हा फूंकना, उपले और लकड़ी जलाना शुरू कर दिया है। ऐसा करना उनके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत खतरनाक है|इस समय आशा थी कि सरकार कुछ राहत देगी लोगों को, लेकिन राहत देना तो दूर है लेकिन सरकार ने उल्टा दाम ही बढ़ा दिए हैं
सुप्रिया श्रीनाते ने कहा कि,''इससे पहले कि सरकार इधर-उधर के आंकड़े बताकर भ्रमित करे, दो ही आंकड़े मायने रखते हैं। जो सब्सिडी वाला सिलेंडर था वह 2014 में, जब हमारी सरकार थी तो 412 रूपए का था, आज वह 595 रूपए (शुरुआती दाम) का है|जो नॉन सब्सिडी का सिलेंडर है उसमें 120 रूपए का इजाफा हुआ है। जो पहले 2014 में 574 रूपए का बिकता था, आज वह 694 रूपए का बिक रहा है|
उन्होंने कहा,'यह कौन सी आर्थिक समझ है, जब अर्थव्यवस्था गड़बड़ाती है, उपभोग कम होता है तो आप दाम घटाते हैं कि उपभोग बढ़े और यहां पर आप दाम बढ़ा रहे हैं। लोगों के पास ना खरीदने का पैसा है और ना गृहिणी के मासिक बजट में फिट बैठता है|सरकार की नीयत और नीति दोनों में खोट है और खोट इसलिए है, क्योंकि ना आपको अर्थव्यवस्था की समझ है, ना इतनी संवेदनशीलता है कि आप टैक्स कम कर दीजिए|
उन्होंने कहा,''क्या आपके ऊपर यह नैतिक दायित्व नहीं है कि आप आज सरकार में हैं, आप लोगों की परेशानियां समझिए, आप समझिए कि लोग बच्चों की फीस नहीं दे पा रहे हैं और आप 100 रूपए रसोई गैस के सिलेन्डर में बढ़ा रहे हैं|यह सिर्फ गरीब या ग्रामीण इलाकों की बात नहीं है, यह मिडिल क्लास तक की बात है। रसोई गैस के सिलेंडर पर ₹100 बढ़ जाना हर तरह के व्यक्ति के बजट को गड़बड़ाता है|
सुप्रिया श्रीनाते ने कहा कि,''जब हमारी सरकार थी तो पेट्रोल पर 9 रूपए 20 पैसे टैक्स था, आज वह टैक्स 24 रूपए है। डीजल पर 3 रूपए 50 पैसे टैक्स पड़ता था आज वो 29 रूपए के लगभग पड़ता है। LPG के दामों का अंतर हम बता ही चुके हैं| उन्होंने कहा,'नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़े के अनुसार देश के 5 राज्यों में 45% से भी कम परिवारों में स्वच्छ ईंधन की व्यवस्था है। उज्जवला गैस का बिगुल मत बजाइए क्योंकि बिहार, नागालैंड, पश्चिम बंगाल जैसे तमाम राज्यों में स्वच्छ इंधन की व्यवस्था नहीं है|
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि,हमारे किसान आज परेशान हैं, उन्होंने हर तरह का तिरस्कार झेला है, अवहेलना झेली है। उनको खालिस्तानी, आतंकवादी और टुकड़े टुकड़े गैंग बुलाया गया, लेकिन वो जिस जज़्बे से अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे हैं उनको सलाम है|हम आशा करते हैं कि कभी न कभी तो यह सरकार जागेगी। अपने दंभ, अहंकार को त्यागेगी और उनकी जो वाजिब मांगे हैं उनको सुनेगी और इन काले क़ानूनों को वापस करके, इनमें संशोधन करके नए क़ानूनों को लाएगी|
सुप्रिया श्रीनाते ने कहा कि,''62 करोड़ किसान अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस सर्दी में जब बुजुर्ग, महिलाएं, बेटे, बेटियाँ यहाँ लड़ाई लड़ रहे हैं और उनके बेटे सरहद पर लड़ाई लड़ रहे हैं, तब इस सरकार ने एक बेहद शर्मनाक काम फिर से किया है। उसने आम आदमी की जेब पर डाका डाला| कहीं न कहीं मंदी, बेरोजगारी, वेतन का कम होना जैसी आर्थिक त्रासदियों और कुप्रबंधन को झेलकर जब लोग किसी तरह संभल ही रहे थे, तब कमर तोड़ महंगाई को और बरपाया जा रहा है|आज हालत ये है कि पिछले 15 दिनों में रसोई गैस के सिलेन्डर का दाम 100 रूपए बढ़ा दिया गया है।