नई दिल्ली: कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बयान के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है और कहा कि,' खेत खलिहान के खिलाफ मोदी सरकार का षड्यंत्र और रची गई साज़िश आखिरकार उजागर हो ही गई। विवादित कृषि कानूनों पर कृषि मंत्री के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि,' ''किसान विरोधी षड्यंत्र का पर्दाफाश! चुनाव के बाद किसानों पर फिर वार होगा।सुरजेवाला ने कहा कि,,'' मोदी जी 3 काले कृषि क़ानूनों के लिए माफ़ी माँगते हैं, देश के कृषि मंत्री उन क़ानूनों को एक बार फिर सही बताते हैं। मोदी सरकार 3 काले क़ानून ख़त्म करती है, कृषि मंत्री कहते हैं क़ानून फिर लाएँगे।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि,''खेत खलिहान के खिलाफ मोदी सरकार का षड्यंत्र और रची गई साज़िश आखिरकार उजागर हो ही गई। सुरजेवाला ने कहा, अहंकारी सरकार और निरंकुश प्रधानमंत्री की झूठ-फूट और लूट की राजनीति को, किसान विरोधी चेहरे को पूंजीपतियों के दबाव में दोबारा काले कानून वापस लाने की साजिश को हम पूरी तरह से फेल कर देंगे।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि,''5 राज्यों में भाजपा का सूपड़ा साफ़ होने पर ही चोर दरवाज़े से तीन खेती विरोधी क़ानून दोबारा लाने का रास्ता बंद होगा। मोदी सरकार की हार में ही किसान की जीत है। भाजपा भगाओ -किसान बचाओ।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि,काले क़ानून वापस लाने के मोदी जी के इशारे पर किए जा रहे षड्यंत्र का जबाब खुद प्रधान मंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी को देना चाहिए और पुनः रची जा रही इस साज़िश के लिए अन्नदाताओं से माफ़ी माँगनी चाहिए।
एक कदम पीछे हटे हैं, लेकिन आगे फिर बढ़ेंगे: केंद्रीय मंत्री तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि कानून पारित होने और एक साल बाद उसकी वापसी के लंबे घटनाक्रम के बीच कहा कि हम एक कदम पीछे हटे हैं, लेकिन आगे फिर बढ़ेंगे| कृषि क्षेत्र में निजी निवेश का आज भी अभाव है| महाराष्ट्र के नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तीनों विवादित कृषि कानूनों को लेकर तोमर ने कहा कि,'' हम एक कदम पीछे जरूर हटे हैं। लेकिन दोबारा आगे बढ़ेंगे। सरकार आगे के बारे में सोच रही है, हम निराश नहीं हैं। तीनों कृषि कानून फिर आएंगे..
19 नवंबर को किया था कानून वापसी का ऐलान
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर 19 नवंबर 2021 को अपने संबोधन में तीनों कृषि कानून वापन लेने का ऐलान किया था। संसद में कानून वापस लेने के बाद 1 दिसंबर को राष्ट्रपति ने इस पर अंतिम मुहर लगाई। इसे पंजाब और उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले सरकार का बड़ा दांव माना जा रहा है।