नई दिल्ली: राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ,आज दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन की वजह से संक्रमण बढ़ रहा है। भारत में भी कई लोगों के ओमीक्रॉन से संक्रमित होने का पता चला है। मैं आप सभी से आग्रह करूंगा कि panic नहीं करें सावधान और सतर्क रहें। मास्क और हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर पर धुलना, इन बातों को याद रखें| मोदी ने कहा कि'कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ाई का अब तक का अनुभव यही बताता है कि व्यक्तिगत स्तर पर सभी दिशानिर्देशों का पालन, कोरोना से मुकाबले का बहुत बड़ा हथियार है। और दूसरा हथियार है वैक्सिनेशन|
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि,''आज जब वाइरस म्यूटेट हो रहा है तो हमारी चुनौती का सामना करने की ताक़त और आत्मविश्वास भी multiply हो रहा है। हमारी innovative spirit भी बढ़ रही है। आज देश के पास 18 लाख isolation beds हैं। 5 लाख oxygen supported beds हैं। 1 लाख 40 हजार ICU beds हैं। ICU और non ICU beds को मिला दें तो 90 हजार beds विशेष तौर पर बच्चों के लिए भी हैं। आज देश में 3 हजार से ज्यादा PSA Oxygen plants काम कर रहे हैं। 4 लाख oxygen cylinders देशभर में दिए गए हैं। राज्यों को जरूरी दवाओं की buffer dose तैयार करने में सहायता की जा रही है, उन्हें पर्याप्त टेस्टिंग किट्स भी मुहैया कराई जा रही है।
उन्होंने कहा,''भारत ने इस साल 16 जनवरी से अपने नागरिकों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया था। ये देश के सभी नागरिकों का सामूहिक प्रयास और सामूहिक इच्छाशक्ति है कि आज भारत 141 करोड़ वैक्सीन डोज के अभूतपूर्व और बहुत मुश्किल लक्ष्य को पार कर चुका है| आज भारत की वयस्क जनसंख्या में से 61 प्रतिशत से ज्यादा जनसंख्या को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। इसी तरह, वयस्क जनसंख्या में से लगभग 90 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की एक डोज लगाई जा चुकी है|
PM मोदी ने कहा कि''कई राज्य और विशेष तौर से टुरिज़्म की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य जैसे गोवा, उत्तराखंड, हिमाचल जैसे राज्यों ने शत-प्रतिशत सिंगल डोज वैक्सीनेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है। आज देश के दूर सुदूर गाँवों से जब शत प्रतिशत वैक्सीनेशन की खबरें आती है तो मन को संतोष होता है। यह प्रमाण है हमारे health system की मज़बूती का, हमारी team delivery का, हमारे healthcare workers के dedication और commitment का, और देश के सामान्य मानवी के अनुशासन और विज्ञान में उसके विश्वास का। हमारे देश में जल्दी ही नेज़ल वैक्सीन और दुनिया की पहली DNA वैक्सीन भी शुरू होंगी।
उन्होंने कहा,''हम सभी जानते हैं कि कोरोना अभी गया नहीं है। ऐसे में सतर्कता बहुत जरूरी है। देश को सुरक्षित रखने के लिए, देशवासियों को सुरक्षित रखने के लिए हमने निरंतर काम किया है। जब वैक्सीनेशन शुरू हुआ, तो उसमें भी वैज्ञानिक सुझावों के आधार पर ही ये तय किया गया कि पहली डोज किसे देना शुरू किया जाए, पहली और दूसरी डोर में कितना अंतराल हो, स्वस्थ लोगों को कब वैक्सीन लगे, जिन्हें कोरोना हो चुका है उन्हें कब वैक्सीन लगे, और जो को-मॉरबिडिटी से ग्रस्त हैं, उन्हें कब वैक्सीन लगे, ऐसे निर्णय लगातार किए गए और ये परिस्थितियों को संभालने में काफी मददगार भी साबित हुए हैं। भारत ने अपनी स्थिति-परिस्थिति के अनुसार, भारत के वैज्ञानिकों के सुझाव पर ही अपने निर्णय लिए हैं।
PM मोदी ने कहा कि,''वर्तमान में, ओमीक्रॉन की चर्चा जोरों पर चल रही है। विश्व में इसके अनुभव भी अलग-अलग हैं, अनुमान भी अलग-अलग हैं। भारत के वैज्ञानिक भी इस पर पूरी बारीकी से नजर रखे हुए हैं, इस पर काम कर रहे हैं। हमारे vaccination को आज जब 11 महीने पूरे हो चुके हैं तो सारी चीजों का वैज्ञानिको ने जो अध्ययन किया है और विश्वभर के अनुभवो को देखते हुए आज कुछ निर्णय लिए गए है। उन्होंने कहा,''15 साल से 18 साल की आयु के बीच के जो बच्चे हैं, अब उनके लिए देश में वैक्सीनेशन प्रारंभ होगा। 2022 में, 3 जनवरी को, सोमवार के दिन से इसकी शुरुआत की जाएगी|
उन्होंने कहा,''हम सबका अनुभव है कि जो कॉरोना वॉरियर्स हैं, हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं, इस लड़ाई में देश को सुरक्षित रखने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। वो आज भी कोरोना के मरीजों की सेवा में अपना बहुत समय बिताते हैं| इसलिए Precaution की दृष्टि से सरकार ने निर्णय लिया है कि हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की Precaution Dose भी प्रारंभ की जाएगी। इसकी शुरुआत 2022 में, 10 जनवरी, सोमवार के दिन से की जाएगी|
PM ने कहा,'''60 वर्ष से ऊपर की आयु के कॉ-मॉरबिडिटी वाले नागरिकों को, उनके डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन की Precaution Dose का विकल्प उनके लिए भी उपलब्ध होगा। ये भी 10 जनवरी से उपलब्ध होगा|