नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) पार्टी ने 'हाथ से हाथ जोड़ो अभियान' का लोगो (LOGO) और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ एक "चार्जशीट" जारी की। कांग्रेस ने शनिवार को अपने 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान के लोगो का अनावरण किया, जो 26 जनवरी को शुरू होगा और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ अभियान के दौरान डोर-टू-डोर वितरण के लिए आठ पन्नों की चार्जशीट जारी की ।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि,“ हाथ से हाथ जोड़ो अभियान “भारत जोड़ो यात्रा” अभियान का दूसरा चरण है। “भारत जोड़ो यात्रा” अभियान में विचारधारा के आधार पर राहुल जी ने मुद्दें उठाए। उसका चुनाव से लेना-देना नहीं था। हाथ से हाथ जोड़ो अभियान में हमारा निशाना मोदी सरकार की विफलताए हैं, ये 100% राजनीतिक है|
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल,“ 'हाथ से हाथ जोड़ो अभियान' 26 जनवरी से शुरू होगा। भारत जोड़ो यात्रा का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने के लिए ये घर-घर अभियान चलाया जाएगा। आज हमने मोदी सरकार के खिलाफ चार्जशीट जारी की है|
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने AICC HQ नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में करते हुए कहा कि, 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान 26 जनवरी को शुरु होगा और 26 मार्च तक चलेगा और आज वेणुगोपाल जी 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान का लोगो रिलीज कर रहे हैं और उसके साथ-साथ जो एक पन्ने की चार्जशीट है, मोदी सरकार के खिलाफ, मोदी सरकार की विफलताओं के बारे में, उसको भी वो रिलीज करेंगे। पहले ही मैंने राहुल जी का जो खत है, जो हर घर पहुंचाया जाएगा, 'भारत जोड़ो यात्रा' का संदेश लेकर, वो पहले ही मैंने रिलीज किया है।
जयराम रमेश ने कहा कि, इस अभियान के लोगो के बारे में एक बात कहना चाहता हूं - ये लोगो है 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान का है और ये लोगो है 'भारत जोड़ो यात्रा' का। रंग एक ही है, डिजाइन एक ही है, पर एक महत्वपूर्ण बात जो आज के लोगो में है, जो 'भारत जोड़ो यात्रा' के लोगो में नहीं थी, आपने देखा होगा कि 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान में ‘अभय मुद्रा' हमारा चुनाव चिन्ह है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि,“ 'भारत जोड़ो यात्रा' में ये चुनाव चिन्ह नहीं था। हमारे कहने का मतलब है कि हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान 'भारत जोड़ो यात्रा' का दूसरा चरण है। भारत जोड़ो अभियान में राजनीति से ऊपर हटकर विचारधाराओं के आधार पर राहुल जी ने मुद्दे उठाए। चुनाव से कुछ लेना-देना ज्यादा नहीं था। हालांकि रोज आलोचना हुआ करती थी, मोदी सरकार की नीतियों के बारे में, पर 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान में हमारा निशाना सीधा है- मोदी सरकार की विफलताएं। हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान एक सीधे तरीके से 100 प्रतिशत राजनीतिक अभियान है। 'भारत जोड़ो यात्रा' के बारे में वो नहीं कहा जा सकता।
तो यही महत्वपूर्ण अंतर है 'भारत जोड़ो यात्रा' में और 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान में। पर 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान, जैसा कि मैंने कहा, 'भारत जोड़ो यात्रा' का दूसरा चरण है। इसके बाद तीसरा चरण भी हो सकता है, चौथा चरण भी हो सकता है, पर अब के लिए दूसरा चरण ही, कांग्रेस संगठन जुड़ जाएगा, 10 लाख इलेक्शन पोलिंग बूथ हैं, ढाई लाख ग्राम पंचायत हैं, 6 लाख गांव हैं और संगठन की ओर से हर एक राज्य में प्रयास किया जाएगा कि हम घर-घर तक राहुल जी का एक पन्ने का संदेश और ये जो आज रिलीज हुई है, एक पन्ने की चार्जशीट । ऐसे तो 100 पन्ने भी तैयार किए जा सकते थे, पर आजकल लोग पढ़ते नहीं हैं ज्यादा और वॉट्सअप में 100 पेज डिस्ट्रिब्यूट नहीं हो सकते। 'कुछ का साथ, खुद का विकास, सबके साथ विश्वासघात'। इसी के आधार पर 'हाथ से हाथ जोड़ो' अभियान की शुरुआत हो रही है।
लाल चौक पर ही तिरंगा फहराएंगे
एक प्रश्न के उत्तर पर श्री जयराम रमेश ने कहा कि मैं आपको स्पष्ट करा दूं, हमारा पीसीसी ऑफिस ( प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय) श्रीनगर में लाल चौक में ही है। तो ये बार-बार कहना, जो चैनल चला रहे हैं कि हम लाल चौक में तिरंगा नहीं फहरा रहे हैं, ये बिल्कुल बेबुनियाद है, ये गलत है। हमारा पीसीसी ऑफिस लाल चौक में है और जब कांग्रेस के नेता, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष हमारे पीसी ऑफिस में तिरंगा नहीं फहराएंगे तो और कहाँ फहराएंगे, लाल चौक पर ही फहरा रहे हैं।
,“हमारा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय लाल चौक पर ही है। जब हमारे नेता, पूर्व अध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराएंगे, तो कहां फहराएंगे... हम लाल चौक पर ही तिरंगा फहराएंगे'': जयराम रमेश, कांग्रेस महासचिव