नई दिल्ली: India-China FaceOff: पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प हुई है। भारत ने पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग सो क्षेत्र में यथास्थिति बदलने के लिए चीनी सेना द्वारा की जा रही घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। यह घटना शनिवार और रविवार की रात की है। अब चीन और भारत पूर्वी लद्दाख में विवादित सीमा मुद्दे को सुलझाने के लिए कूटनीतिक और सैन्य वार्ता में लगे हुए हैं। एक बार फिर लद्दाख सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ की साजिश होने पर कांग्रेस ने सोमवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा|
कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मोदी सरकार हमला बोलते हुए सवाल किया, 'आपकी लाल आंख कब दिखेंगी?'चीन से आँखों में आँखें डाल कब बात होगी, पी.एम मौन क्यों हैं? रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'आए दिन भारत की संप्रुभता पर हमला हो रहा है, आए दिन हमारी सरज़मीं पर क़ब्ज़े का दुस्साहस, आए दिन देश की धरती पर चीनी घुसपैठ, मोदी जी, पर “लाल आँख” कहाँ हैं, चीन से आँखों में आँखें डाल कब बात होगी, पी.एम मौन क्यों हैं?
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया,देश की सरज़मीं पर क़ब्ज़े का नया दुस्साहस ! रोज़ नई चीनी घुसपैठ........ पांगोंग सो लेक इलाक़ा, गोगरा व गलवान वैली, डेपसंग प्लैनस, लिपुलेख, डोका लॉ व नाकु लॉ पास। फ़ौज तो भारत माँ की रक्षा में निडर खड़ी हैं, पर मोदी जी की “लाल आँख” कब दिखेंगी?#IndiaChinaBorderTension
कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने ट्वीट किया, 'बीजेपी अन्य मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर डिफेंड करने के लिए ओवर एक्टिव मोड में आ जाती है लेकिन चीन के मुद्दे पर स्लीप मोड में| इन मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कब होगी- किस कारण से चीन में घुसपैठ हुई? यथास्थिति कब बहाल होगी? बेदखल करने के लिए क्या कदम उठाए गए? चीन का नाम लेने से क्यों डरती है सरकार?
पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध के बीच 29/30 अगस्त 2020 की मध्यरात्रि में पीएलए सैनिकों ने सैन्य एवं राजनयिक वार्ताओं के दौरान बनी पिछली आम सहमति का उल्लंघन किया और उकसाऊ सैन्य कदम उठाते हुए सीमा पर यथास्थिति बदलने की कोशिश की। हालांकि, सतर्क भारतीय सैनिकों ने पैंगोंग त्सो लेक के दक्षिणी छोर पर पीएलए सैनिकों की इस उकसाऊ कोशिश को पूरी तरह से नाकाम कर दिया|
सैन्य स्थिति को सुदृढ़ करने एवं सरहद पर यथास्थिति को एकतरफा ढंग से बदलने के चीनी मंसूबों को विफल करने के लिए ठोस कदम उठाए। भारतीय सेना संवाद के जरिए शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके साथ ही अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए भी समान रूप से दृढ़प्रतिज्ञ है। मुद्दों को सुलझाने के लिए चुशुल में ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग प्रगति पर है।