नई दिल्ली/गाजियाबाद: Ghaziabad Kidnap Gang-Rape Case Fabricated: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके में 38 वर्षीय नर्स महिला का कथित अपहरण और गैंगरेप मामले को लेकर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने आज यानी शनिवार को (22 अक्टूबर 2022 को) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गाजियाबाद अपहरण/गैंगरेप मामले की जांच हाईलेवल कमेटी से कराने की मांग की| गाजियाबाद केस को लेकर स्वाति मालीवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है|
DCW अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा,''ग़ाज़ियाबाद केस में UP CM को पत्र भेजा है। मामले की जाँच हाई लेवल कमिटी से करवाने की माँग की है। उत्तर प्रदेश पुलिस का दावा है की केस फ़र्ज़ी है। कमिटी द्वारा अगर ये सच पाया जाता है तो लड़की पे सख़्त से सख़्त कार्यवाही होनी चाहिए।
इससे पहले, गाज़ियाबाद गैंगरेप मामले में स्वाति मालीवाल ने 19 अक्टूबर 2022 को कहा था,''एक लड़की के साथ गैंगरेप करके उसके अंदर रॉड डालके सड़क पर बोरे में फेंका गया लेकिन अभी भी कुछ घटिया मानसिकता के ‘फ़र्ज़ी ऐक्टिविस्ट’ इसे झूठा केस बता रहे हैं। लड़की ने खुद अपने अंदर रॉड डाली, खून से लथपथ खुद को बोरे में डालकर खुद ही सड़क पर लेट गयी? थोड़ी तो शर्म करो!
Ghaziabad Kidnap Gang-Rape Case Fabricated
गाजियाबाद गैंगरेप केस पर गुरुवार शाम (20 अक्टूबर, 2022 को) मेरठ रेंज के IG प्रवीण कुमार ने प्रेसवार्ता कर गैंगरेप की घटना का खुलासा किया था| 38 वर्षीय नर्स का कथित अपहरण और गैंगरेप का मामला झूठा निकला था। पुलिस ने गुरुवार को कहा था कि दिल्ली की 38 वर्षीय महिला का कथित अपहरण और सामूहिक बलात्कार "पूरी तरह से रचा हुआ और मनगढ़ंत मामला" था| पुलिस ने महिला के तीन साजिशकर्ता दोस्तों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने कथित मामले में नामजद पांच लोगों पर गैंगरेप का केस दर्ज कराने के लिए "साजिश" रची थी। प्रोपर्टी कब्जाने के लिए गैंगरेप की साजिश रची,... साजिश के तहत उन लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनसे प्रोपर्टी को लेकर महिला का विवाद चल रहा था।
मामले की जाँच हाई लेवल कमेटी से करवाने की माँग की: मालीवाल
गाजियाबाद गैंगरेप केस में पुलिस के खुलासे के बाद दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर मामले की जांच हाईलेवल कमेटी से कराने की मांग की|
स्वाति मालीवाल ने योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में कहा,'' उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक महिला के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के संबंध में आयोग को 18.10.2022 को जीटीबी अस्पताल में स्टाफ नर्स से 181 महिला हेल्पलाइन पर एक कॉल आया, जिसने सूचित किया कि अस्पताल में यौन उत्पीड़न का एक मामला दर्ज किया गया था और आयोग को इस मामले में एक काउंसलर भेजना चाहिए। .
तत्काल आयोग (DCW) की ओर से एक काउंसलर को अस्पताल भेजा गया। पीड़िता से बातचीत करने पर उसने आरोप लगाया कि उसके साथ 5 लोगों ने 2 दिनों तक सामूहिक बलात्कार किया और यहां तक कि उसके अंदर लोहे की रॉड भी डाल दी। उसने आरोप लगाया कि उसे बांधकर बोरे में सड़क किनारे फेंक दिया गया। आयोग ने उनके बयान दर्ज किए।
पीड़िता के भाई की शिकायत पर 18 अक्टूबर 2022 को ही इस मामले में यूपी पुलिस द्वारा पहले ही धारा 342/376 डी आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी।
महिला की MLC रिकॉर्ड....
स्वाति मालीवाल ने पत्र में कहा,''आयोग ने पीड़िता (Survivor women) के मेडिको-लीगल रिकॉर्ड को भी खंगाला जिसमें कहा गया था कि पीड़ित महिला को रस्सी से बांधा गया था, उसके स्तनों पर काट लिया गया था, उसकी जांघों और गर्दन पर खरोंच थी, खून बह रहा था और उसकी योनि से लगभग 5-6 सेंटीमीटर लंबी एक 'लोहे की रॉड' निकाली गई।
मालीवाल ने आगे लिखा,''उसी को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने पीड़िता का मामला उठाया और 19 अक्टूबर 2022 को यूपी पुलिस को नोटिस जारी किया क्योंकि लड़की दिल्ली की रहने वाली थी।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा,'हालांकि, यूपी पुलिस ने हाल ही में मीडियाकर्मियों से बात की है और कहा है कि महिला के आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा है कि उनके पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि महिला ने संपत्ति विवाद को निपटाने के लिए उन 5 पुरुषों के खिलाफ साजिश रची, जिन पर उन्होंने सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया था।
मामले की विस्तार से जांच करने की जरूरत, ताकि सच्चाई सामने आ सके
मालीवाल ने कहा,''कहने की जरूरत नहीं है, यह कई स्तरों पर बहुत गंभीर, चौंकाने वाला और बहुत परेशान करने वाला है। इस संबंध में मैं (CM) आप सभी से अनुरोध करती हूँ कि मामले की गहराई से जांच करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की कृपा करें। मामले के तथ्यों की स्वतंत्र रूप से विस्तार से जांच करने की जरूरत है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
किसने- महिला को चोट पहुंचाई, प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड घुसाई?, जांच होनी चाहिए
महिला के साथ हुए कथित '''टार्चर'' के संबंध में मालीवाल ने कहा,'''इस बात की जांच होनी चाहिए कि महिला को किसने चोट पहुंचाई और उसके प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड जैसे 'Substance' डालने के लिए कौन जिम्मेदार था, जिसे जीटीबी अस्पताल ने निकाला था (जैसा कि एमएलसी रिपोर्ट में बताया गया है)।
यदि महिला पीड़ित नहीं, बल्कि अपराधी है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए
स्वाति मालीवाल ने कहा,' यदि यह संदेह से परे साबित हो जाता है कि लड़की पुरुषों के खिलाफ साजिश रचने में सक्रिय रूप से शामिल थी और वह पीड़ित नहीं है, बल्कि एक अपराधी है, तो मैं आपसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह करूंगी कि धारा 182 आईपीसी के तहत महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। कहने की जरूरत नहीं है कि ऐसा कोई भी कदम उठाने से पहले, यूपी पुलिस और उच्च स्तरीय समिति द्वारा उचित परिश्रम किया जाना चाहिए।
पत्र में स्वाति मालीवाल ने अंत में लिखा,, उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि कृपया इस मामले में जल्द ???े जल्द एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की कृपा करें।
गाजियाबाद गैंगरेप फर्जी, 2 दिन तक दोस्तों के साथ थी महिला
गौरतलब है कि गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके में दिल्ली की महिला के साथ हुई गैंगरेप की घटना फर्जी निकला है| प्रोपर्टी विवाद में महिला ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर गैंगरेप की साजिश रची थी। महिला भी षड्यंत्र में शामिल है| इस मामले में पुलिस ने महिला के दोस्त आज़ाद, गौरव और अफजाल को गिरफ़्तार किया है| आजाद ही अपने दोस्तों के साथ महिला को ले गया था और वो 2 दिन इन्हीं के साथ रही थी। जिस गाड़ी से वो गई थी वो पुलिस ने बरामद कर ली है।
आजाद ने बलात्कार के मामले का ज्यादा प्रचार करने के लिये एक शख्स को पैसे भी दिए थे
गाजियाबाद पुलिस ने बताया,' पीडिता के मित्र आजाद पुत्र तहसीन ने पीडिता के गायब हो जाने के बाद से मोबाइल स्विच ऑफ किया था| जहां पीडिता मिली है, उसी मार्ग पर मिलने के समय के आस-पास ( लोकेशन) संचरण करता रहा है। इस आशय के साक्ष्य भी आजाद के फोन से प्राप्त हुये है कि बलात्कार की इस खबर को बढा चढा कर प्रसारित कराया जाए, एक व्यक्ति को पेटीएम से इसके प्रसार के लिए भुगतान के भी साक्ष्य है।
मेरठ रेंज के IG प्रवीण कुमार ने बताया,''थाना नंदग्राम के अंतर्गत घटना के संबंध में जैसे ही सूचना प्राप्त हुई मामला दर्ज़ करके पीड़िता को मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाया गया... 3 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। एक कार और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है। महिला के एक परिचित आज़ाद इनके 2 अन्य साथी गौरव और अफजल ने एक प्रोपर्टी को लेकर विवाद में प्रोपर्टी पाने के लिए यह(गैंगरेप) योजना बनाई गई थी। इन तीनों को गिरफ़्तार किया गया है। महिला भी षड्यंत्र में शामिल है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी|
गाजियाबाद पुलिस के खुलासे के बाद NCW ने जारी किया बयान
गाजियाबाद गैंगरेप केस में पुलिस के खुलासे के बाद 'राष्ट्रीय महिला आयोग ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि , गाजियाबाद का कथित सामूहिक बलात्कार मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को पुलिस द्वारा सूचित किया गया था कि रिपोर्ट की गई घटना एक साजिश प्रतीत होती है, जिसकी पुष्टि 3 संदिग्धों- आज़ाद तहसीन, गौरव शरण और मोहम्मद अफज़ल के इकबालिया बयानों से हुआ है| महिला और उसके रिश्तेदारों द्वारा कई विरोधाभासी बयान दिए हैं जिससे प्रामाणिकता पर संदेह पैदा हुआ है... पुलिस ने कहा कि घटना की योजना 5 प्रारंभिक संदिग्धों को फंसाने की थी, जिनका महिला के साथ संपत्ति का विवाद था। मामला विचाराधीन है और मामले में जांच जारी है|