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24 अगस्त 2026

स्थिति की गंभीरता के प्रति जाग क्यों नहीं रही है सरकार?: ऑक्सीजन संकट पर केंद्र से दिल्ली HC ने पूछा -क्या आपके के लिए मानव जीवन महत्वपूर्ण नहीं है?

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बीच पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति की आवश्यकता को पूरा करने में विफल रहने पर दिल्‍ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है| दिल्‍ली हाईकोर्ट ने पूछा कि स्थिति की गंभीरता…

स्थिति की गंभीरता के प्रति जाग क्यों नहीं रही है सरकार?: ऑक्सीजन संकट पर केंद्र से दिल्ली HC ने पूछा -क्या आपके के लिए मानव जीवन महत्वपूर्ण नहीं है?
स्थिति की गंभीरता के प्रति जाग क्यों नहीं रही है सरकार?: ऑक्सीजन संकट पर केंद्र से दिल्ली HC ने पूछा -क्या आपके के लिए मानव जीवन महत्वपूर्ण नहीं है? | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बीच पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति की आवश्यकता को पूरा करने में विफल रहने पर दिल्‍ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है| दिल्‍ली हाईकोर्ट ने पूछा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार जाग क्‍यों नहीं रही है? दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा,''हम हैरान और निराश हैं कि अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं है है लेकिन स्टील प्लांट चल रहे हैं|



अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के संबंध में केंद्र से दिल्‍ली हाईकोर्ट ने पूछा,'' क्या मानव जीवन सरकार के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं है? उच्च न्यायालय ने कहा,'' केंद्र अस्पतालों को ऑक्सीजन पहुंचाने के तरीकों और साधनों पर विचार करें चाहे समर्पित कॉरिडोर या एयरलिफ्ट बनाकर लेकिन अस्पतालों को ऑक्सीजन पहुंचाए|



न्यायालय ने कहा,'''हमारी चिंता सिर्फ दिल्ली के लिए नहीं है, हम जानना चाहते हैं कि केंद्र सरकार पूरे भारत में ऑक्सीजन की आपूर्ति के संबंध में क्या कर रही है| HC ने कहा कि सरकार आखिर वास्‍तविक हालात पर जाग क्‍यों नहीं रही| सरकार जमीनी हकीकत को लेकर इतनी बेखबर क्‍यों है? आप ऑक्‍सीजन की कमी के कारण लोगों को इस तरह मरने नहीं दे सकते| दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मैक्‍स हॉस्पिटल की अपील पर सुनाई करते हुए यह टिप्‍पणी की|




 दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से औद्योगिक उपयोग के लिए ऑक्सीजन सप्लाई को तुरंत रोकने को कहा है। दिल्ली HC ने COVID-19 रोगियों के लिए अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का निर्देश दिया, जो भी आवश्यक हो| मरीजों के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के कंधों पर जिम्मेदारी| यदि आवश्यक हो, तो चिकित्सा के उपयोग के लिए स्टील और पेट्रोलियम सहित उद्योगों से ऑक्सीजन के पूरे उत्पादन को डायवर्ट करें|




अगर टाटा अपने स्टील प्लांट के लिए पैदा होने वाली ऑक्सीजन को मेडिकल उपयोग के लिए डायवर्ट कर सकते हैं, तो अन्य क्यों नहीं कर सकते? यह लालच की ऊंचाई है|




दिल्ली उच्च न्यायालय को केंद्र सरकार ने बताया,''स्टील, पेट्रोकेमिकल उद्योग ऑक्सीजन गार्डर हैं और अस्पतालों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वहां से ऑक्सीजन निकाल रहे हैं| एचसी उद्योगों को उनके द्वारा उत्पादित ऑक्सीजन को चिकित्सा उपयोग के लिए अन्य राज्यों में आपूर्ति के लिए केंद्र को देने का निर्देश दिया है|



बता दें कि,''दिल्ली समेत पूरा देश इस समय बढ़ते कोरोना मरीज और उनके लिए हो रही ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है। दिल्ली के मैक्स, सेंट स्टीफेंस अस्पताल, अपोलो अस्पताल और होली फैमिली अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी हो गई है।






tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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