मुख्य सामग्री पर जाएँ
23 अगस्त 2026

Delhi Riots Case: दिल्ली दंगे मामले में उमर खालिद और खालिद सैफी बरी, AAP के पूर्व पार्षद के खिलाफ आरोप तय

नई दिल्ली: Delhi Riots Case 2020: दिल्ली कोर्ट ने कार्यकर्ता उमर खालिद (Umar Khalid) और यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के सदस्य खालिद सैफी (Khalid Saifi) को 2020 दिल्ली दंगा मामले में बरी कर दिया है| हालांकि…

Delhi Riots Case: दिल्ली दंगे मामले में उमर खालिद और खालिद सैफी बरी, AAP के पूर्व पार्षद के खिलाफ आरोप तय
Delhi Riots Case: दिल्ली दंगे मामले में उमर खालिद और खालिद सैफी बरी, AAP के पूर्व पार्षद के खिलाफ आरोप तय | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: Delhi Riots Case 2020: दिल्ली कोर्ट ने कार्यकर्ता उमर खालिद (Umar Khalid) और यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के सदस्य खालिद सैफी (Khalid Saifi) को 2020 दिल्ली दंगा मामले में बरी कर दिया है| हालांकि, वे यूएपीए मामले में न्यायिक हिरासत में हैं| अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस उनका अपराध साबित करने में असफल रहा है।



दिल्ली की एक अदालत ने पूर्वोत्तर दिल्ली दंगों के मामले में शनिवार को जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद और 'यूनाइटेड अगेंस्ट हेट' (यूएचए) के सदस्य खालिद सैफी को बरी कर दिया। हालांकि, अदालत ने इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, उनके भाई शाह आलम और अन्य के खिलाफ आरोप तय किए।



मामले की प्राथमिकी खजूरी खास थाने में दर्ज की गयी थी. यह मामला एन-ई दिल्ली के चांद बाग इलाके में एक पार्किंग में आगजनी और वहां दंगाइयों से शरण लेने वाले पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों पर हमले से संबंधित है।



अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने आदेश जारी करते हुए मामले में खालिद और सैफी को बरी कर दिया। जेएनयू के पूर्व छात्र नेता, खालिद को पहले ही सैफी के साथ दंगों के मामले में जमानत मिल गई थी। हालांकि, वे दंगों में एक 'बड़ी साजिश' के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।



विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) मधुकर पांडे ने संवाददाताओं को बताया कि अदालत ने खालिद और सैफी को आरोपमुक्त कर दिया हैं।उन्होंने आगे बताया कि आप पार्षद सहित अन्य आरोपी व्यक्तियों पर दंगा और अन्य धाराओं से संबंधित अपराधों का आरोप लगाया गया था।यह मामला दिल्ली पुलिस के सिपाही की शिकायत पर दर्ज किया गया था।



जबकि कजुरी खास पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया था, बाद में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जांच की। आईपीसी की धारा 109

114, 147, 148, 149, 153-ए, 186, 212, 353, 395, 427, 435, 436, 452, 454, 505, 34 और 120-बी के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम की धारा 3 और 4 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया था।



यह आरोप लगाया गया था कि 24 फरवरी, 2020 को चांद बाग पुलिया के पास एक बड़ी भीड़ पथराव कर रही थी, जिससे घटनास्थल पर मौजूद पुलिस कर्मियों को पास की एक पार्किंग में शरण लेनी पड़ी। पार्किंग आप के पूर्व पार्षद के आवास के पास थी। आरोप है कि भीड़ ने पार्किंग का गेट तोड़ दिया और अंदर शरण लिए लोगों पर हमला किया। भीड़ ने कथित तौर पर कुछ वाहनों में आग भी लगा दी।



बता दे कि,'' फरवरी 2020 में पूर्वोत्तर दिल्ली में भड़की हिंसा में कुल 53 लोगों की मौत हुई थी और लगभग 700 लोग घायल हुए थे। 




tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 3 दिसंबर 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।