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25 अगस्त 2026

दोनों पक्षों के बीच चार में से दो मुद्दों पर बनी सहमति, 4 जनवरी को MSP और नए क़ानूनों पर होगी चर्चा: किसानों के साथ बातचीत के बाद कृषि मंत्री

नई दिल्ली: आज यानी बुधवार को नए कृषि कानूनों को लेकर विज्ञान भवन में किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच छठे दौर की बैठक संपन्न हुई। अगली बैठक 4 जनवरी को होगी| मोदी सरकार और किसान नेताओं के बीच चर्चा…

दोनों पक्षों के बीच चार में से दो मुद्दों पर बनी सहमति, 4 जनवरी को MSP और नए क़ानूनों पर होगी चर्चा: किसानों के साथ बातचीत के बाद कृषि मंत्री
दोनों पक्षों के बीच चार में से दो मुद्दों पर बनी सहमति, 4 जनवरी को MSP और नए क़ानूनों पर होगी चर्चा: किसानों के साथ बातचीत के बाद कृषि मंत्री | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  आज यानी बुधवार को नए कृषि कानूनों को लेकर विज्ञान भवन में किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच छठे दौर की बैठक संपन्न हुई। अगली बैठक 4 जनवरी को होगी| मोदी सरकार और किसान नेताओं के बीच चर्चा के संपन्न होने के पश्चात कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कृषि ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि,''आज की वार्ता बहुत अच्छे माहौल में आयोजित की गई और यह एक सकारात्मक चर्चा पर संपन्न हुई। दोनों पक्षों के बीच 4 में से 2 मुद्दों पर सहमति बनी|



विज्ञान भवन में किसान यूनियनों के साथ 6 वें दौर की बातचीत के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि,''दिल्ली में सर्द मौसम को देखते हुए, मैंने किसान नेताओं से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को घर भेजने का अनुरोध किया है। अगले दौर की वार्ता 4 जनवरी को होगी|तोमर ने कहा कि,''दोनों पक्षों के बीच 4 में से 2 मुद्दों पर सहमति बनी है|  4 जनवरी को आगे की बैठक में एमएसपी और नए क़ानूनों पर होगी चर्चा| 




उन्होंने कहा,''आज विज्ञान भवन में किसान आंदोलन में शामिल नेताओं के साथ बैठक हुई। बैठक में किसान यूनियन के नेताओं ने जो 4 विषय चर्चा के लिए रखे थे, उनमें से 2 विषयों पर आपसी सहमति सरकार और किसान यूनियनों के बीच हो गई हैं| तोमर ने कहा कि,'पहला मुद्दा पर्यावरण से संबंधित एक अध्यादेश था। पर्यावरण से संबधित अध्यादेश है उसमें पराली और किसान सम्मिलित हैं। उनकी शंका थी किसान को इसमें नहीं होना चाहिए। इसपर दोनों पक्षों में सहमति हो गई है|





तोमर ने कहा कि,''किसानों को लगता है कि अगर बिजली अधिनियम में सुधार किया जाता है, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा। यूनियनें चाहती थीं कि सिंचाई के लिए राज्यों द्वारा किसानों को दी जाने वाली बिजली की सब्सिडी जारी रहे। इस मुद्दे पर भी सहमति बनी|  उन्होंने कहा,''इलेक्ट्रिसिटी एक्ट जो अभी आया नहीं है, उन्हें लगता है यह एक्ट आएगा तो इससे किसानों को नुकसान होगा। सिंचाई के लिए जो बिजली की सब्सिडी दी जाती है वो राज्य जिस प्रकार से देते रहे है, वैसे ही चलनी चाहिए। इसपर भी सरकार और किसान यूनियनों के बीच सहमति हो गई है





तोमर ने कहा कि,',''कार्यसूची में 4 विषय थे, इनमें से 2 पर रजामंदी हो गई है। इससे दोनों पक्षों में एक अच्छा माहौल बना। किसान यूनियन 3 क़ानूनों को वापिस लेने की बात करती रही हैं। हमने ये बताने की कोशिश की है कि जहां समस्या है, वहां सरकार विचार करने को तैयार है|क़ानून के विषय में और MSP के विषय में चर्चा पूरी नहीं हुई है, चर्चा जारी है।




उन्होंने कहा,सरकार कहती रही है कि एमएसपी जारी रहेगा। हम इसे लिखित रूप में देने के लिए तैयार हैं। लेकिन किसानों की यूनियनों को लगता है कि एमएसपी को कानूनी दर्जा मिलना चाहिए। इसलिए हम लोग 4 तारीख (4 जनवरी 2021) को दोपहर 2 बजे फिर से इकट्ठा होंगे और चर्चा को आगे बढ़ाएंगे| MSP और अन्य मुद्दों के कानूनी पहलू पर चर्चा रहेगी|








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यह रिपोर्ट 30 दिसंबर 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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