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25 अगस्त 2026

डॉ. अखिलेश गुप्ता ने एसईआरबी के सचिव के रूप में संभाला एडिशनल प्रभार

नई दिल्ली: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अखिलेश गुप्ता ने आज 8 अक्टूबर, 2022 को विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) के सचिव का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया। उ…

डॉ. अखिलेश गुप्ता ने एसईआरबी के सचिव के रूप में संभाला एडिशनल प्रभार
डॉ. अखिलेश गुप्ता ने एसईआरबी के सचिव के रूप में संभाला एडिशनल प्रभार | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अखिलेश गुप्ता ने आज 8 अक्टूबर, 2022 को विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) के सचिव का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण किया। उन्होंने यह पद भार डॉ. संदीप वर्मा द्वारा कल 7 अक्टूबर को एसईआरबी सचिव के रूप में अपना कार्यकाल पूरा होने के उपरान्त कार्यभार छोड़ने के बाद ग्रहण किया हैI


डॉ. गुप्ता वर्तमान में नीति समन्वय और कार्यक्रम प्रबंधन प्रभाग (पीसीपीएम) के प्रमुख हैं और डीएसटी में 5 राष्ट्रीय मिशनों - अंतःविषय साइबर भौतिक प्रणाली पर राष्ट्रीय मिशन, क्वांटम प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोगों पर राष्ट्रीय मिशन, राष्ट्रीय सुपर- कंप्यूटिंग मिशन, जलवायु परिवर्तन के लिए सामरिक ज्ञान पर राष्ट्रीय मिशन और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय मिशन के समग्र प्रभारी हैं।


एक प्रतिष्ठित वायुमंडलीय वैज्ञानिक, डॉ. गुप्ता को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं के साथ-साथ प्रक्रियाओं में 200 से अधिक शोध लेखों का श्रेय दिया जाता है। वे 5 पुस्तकों के संपादक, 350 से अधिक लेखों के लेखक और लगभग 1000 रिपोर्टों के लेखक भी हैं।


वह इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (एफएनएई), इंडियन मेटेरोलॉजिकल सोसाइटी (एफआईएमएस) और एसोसिएशन ऑफ एग्रो-मेटेरोलोजिस्ट्स के फेलो भी हैं।


उष्णकटिबंधीय चक्रवात भविष्यवाणी, मानसून मौसम विज्ञान, स्थान विशिष्ट मौसम भविष्यवाणी, मौसम और जलवायु मॉडलिंग के साथ ही, ओपन साइंस, इक्विटी और समावेश, एसटीआई वित्तपोषण, सिस्टम इंटरकनेक्टेडनेस इत्यादि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार (एसटीआई) नीति क्षेत्र इत्यादि डॉ. गुप्ता की रुचि के कुछ प्रमुख अनुसंधान क्षेत्रों में शामिल हैं। डॉ. गुप्ता भारत की जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) के लेखकों में से एक तथा उस सचिवालय के प्रमुख रहे हैं जिसके अंतर्गत भारत की नई विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं  नवाचार नीति का मसौदा तैयार किया गया है तथा जिसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।


भौतिकी में लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री (1984) और वायुमंडलीय विज्ञान (1999) में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली से डॉक्टरेट की डिग्री के साथ, वे  1985 में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) में शामिल हुए और बाद में 1994 में राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केन्द्र (रा॰म॰अ॰मौ॰पू॰के- नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्टिंग – एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) में शामिल हो गएi ये दोनों ही विभाग वर्तमान में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत हैं।


tvlnews

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यह रिपोर्ट 8 अक्टूबर 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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