मुंबई: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके निजी सहायक कुंदन शिंदे और निजी सचिव संजीव पलांडे को गिरफ़्तार किया।
प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को नोटिस भेजा और आज पेश होने को कहा है। ED ने बताया कि,''प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए आज अपने कार्यालय में समन किया है|
पीएमएलए के प्रावधानों के तहत करीब नौ घंटे की पूछताछ के बाद देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे और निजी सहायक कुंदन शिंदे को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसी के मुंबई में बलार्ड इस्टेट स्थित कार्यालय में हुई पूछताछ के दौरान दोनों व्यक्ति सहयोग नहीं कर रहे थे।
ईडी ने कल शुक्रवार को अनिल देशमुख के नागपुर स्थित घर पर तलाशी अभियान चलाया था| प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने आज शुक्रवार को सुबह महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री (former Maharashtra Home Minister) व एनसीपी नेता अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग केस के सिलसिले में उनके नागपुर व मुंबई में स्थित आवासों में छापा मारा था|
केंद्रीय जांच एजेंसी ने सीबीआई की एक प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद पिछले महीने देशमुख (71) और अन्य के खिलाफ धन शोधन की रोकथाम कानून के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था| सीबीआई ने बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर एक मामला दायर करने के बाद प्रारंभिक जांच की थी, जिसके बाद ईडी ने मामला दर्ज किया|
ED सामने आज नहीं पेश होंगे अनिल देशमुख
अनिल देशमुख के वकील देशमुख ने कहा,''सर आज पूछताछ के लिए नहीं आएंगे क्योंकि ईडी को केस के बारे में जो जानकारी चाहिए थी वो डॉक्यूमेंट हमें अभी तक नहीं दी गई है, इसके लिए हमने उन्हें एक पत्र लिखा है और डॉक्यूमेंट देने की मांग की ताकि हम उसके हिसाब से लिखित जानकारी जमा कर सकें|
परम बीर सिंह ने मुझ पर झूठे आरोप लगाए
ED की छापेमारी पर अनिल देशमुख ने कहा,''आप जानते हैं परम बीर सिंह ने मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटाए जाने के बाद मुझ पर झूठे आरोप लगाए क्योंकि उनकी भूमिका बेहद संदिग्ध थी। जब वह पद पर थे तो उन्होंने आरोप क्यों नहीं लगाए?
बता दें कि,''ईडी व सीबीआई देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों की जांच कर रही है|साल की शुरुआत में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए थे| अनिल देशमुख पर रेस्तरां और बार से हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही कराने का आरोप है| मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटने के बाद परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर कहा था कि देशमुख ने सचिन वाजे सहित कुछ पुलिस अधिकारियों को रेस्तरां और बार से हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करने का लक्ष्य दे रखा है| देशमुख ने इन आरोपों से इंकार किया था| प्रारंभिक जांच के आदेश के बाद देशमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था|