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25 अगस्त 2026

पूर्व PM पीवी नरसिम्हा राव, चौधरी चरण सिंह और एमएस स्वामीनाथन को 'भारत रत्न' सम्मान

नई दिल्‍ली : पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और मशहूर वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएग…

पूर्व PM पीवी नरसिम्हा राव, चौधरी चरण सिंह और एमएस स्वामीनाथन को 'भारत रत्न' सम्मान
पूर्व PM पीवी नरसिम्हा राव, चौधरी चरण सिंह और एमएस स्वामीनाथन को 'भारत रत्न' सम्मान | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्‍ली : पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और मशहूर वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव 'गारू' पूर्व प्रधानमंत्री श्री चौधरी चरण सिंह और  हरित क्रांति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए प्रसिद्ध डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन को भारत रत्न देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद ‘एक्स' पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी है|





PM के रूप में श्री राव का कार्यकाल महत्वपूर्ण उपायों का प्रतीक था, जिसने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला: प्रधानमंत्री 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री के रूप में श्री नरसिम्हा राव का कार्यकाल महत्वपूर्ण उपायों का प्रतीक था, जिसने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला।




प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: "यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गारू को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। 


एक प्रतिष्ठित विद्वान और राजनेता के रूप में, नरसिम्हा राव गारू ने विभिन्न क्षमताओं में भारत की व्यापक स्तर पर सेवा की। उन्हें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई वर्षों तक संसद एवं विधानसभा सदस्य के रूप में किए गए कार्यों के लिए समान रूप से याद किया जाता है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व भारत को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने, देश की समृद्धि और विकास के लिए एक ठोस नींव रखने में सहायक था।



प्रधानमंत्री के रूप में नरसिम्हा राव गारू का कार्यकाल महत्वपूर्ण उपायों का प्रतीक था जिसने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, भारत की विदेश नीति, भाषा और शिक्षा क्षेत्रों में उनका योगदान एक ऐसे नेता के रूप में उनकी बहुमुखी विरासत को रेखांकित करता है, जिन्होंने न केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाया बल्कि इसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।''


चौधरी चरण सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था: मोदी

मोदी ने स्वर्गीय श्री चौधरी चरण सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था। 


प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: "हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।"


डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया: 

मोदी ने कहा कि डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि भी सुनिश्चित की है।



प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

"यह अत्यंत प्रसन्ता की बात है कि भारत सरकार कृषि और किसानों के कल्याण में हमारे देश में डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन जी को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित कर रही है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत द्वारा कृषि में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास किए। हम एक प्रर्वतक और संरक्षक के रूप में उनके अमूल्य कार्य को भी पहचानते हैं और कई छात्रों के बीच सीखने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करते हैं। डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित की है। वह ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें मैं करीब से जानता था और मैंने हमेशा उनके दृष्टिकोण और विचारों की कद्र की है।"



पीवी नरसिम्हा राव, चरण सिंह, स्वामीनाथन भारत के रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे: कांग्रेस


कांग्रेस ने पीवी नरसिम्हा राव, चौधरी चरण सिंह और एमएस स्वामीनाथन को ‘भारत रत्न' (मरोणपरांत) पुरस्कार दिए जाने की घोषणा के बाद कहा कि ''ये तीनों महान व्यक्तित्व भारत के रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।" कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, "पीवी नरसिम्हा राव, चौधरी चरण सिंह और एमएस स्वामीनाथन जी भारत के रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे. उनका योगदान अभूतपूर्व था, जिसका हर भारतीय सम्मान करता है।" उन्होंने दावा किया, "स्वामीनाथन फ़ॉर्मूले के आधार पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का क़ानूनी दर्जा दिए जाने पर मोदी सरकार चुप है। प्रधानमंत्री मोदी की हठधर्मिता के कारण 700 किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए, मगर सरकार ने किसानों के साथ वादा खिलाफी की. आज भी किसान दिल्ली कूच के लिए तैयार बैठे हैं, मगर सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है।"




कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से, हम श्री पी वी नरसिम्हा राव, चौधरी चरण सिंह और डॉ एम एस स्वामीनाथन को भारत रत्न दिए जाने का स्वागत करते हैं।''



खरगे ने कहा, "पूर्व प्रधान मंत्री और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष, श्री पी वी नरसिम्हा राव ने राष्ट्र निर्माण में जबरदस्त योगदान दिया है। नरसिम्हा राव की सरकार के तहत, भारत ने आर्थिक सुधारों की एक श्रृंखला के साथ एक परिवर्तनकारी यात्रा शुरू की जिसने आने वाली पीढ़ियों के लिए मध्यम वर्ग को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारत के परमाणु कार्यक्रम में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनके कार्यकाल में कई विदेश नीति उपलब्धियां हासिल हुईं, जिनमें 'पूर्व की ओर देखो' नीति (‘Look East’ policy) भी शामिल है।



खरगे ने कहा, " पूर्व प्रधान मंत्री चौधरी चरण सिंह अपनी किसान समर्थक नीतियों के लिए जाने जाते हैं और देश के करोड़ों किसान - हमारे अन्नदाता और खेत मजदूर - उनका व्यापक सम्मान करते हैं। धरती पुत्र, उनके हस्तक्षेपों ने ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने में मदद की।




खरगे ने कहा, "प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. स्वामीनाथन को कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उनके बेजोड़ योगदान के लिए जाना जाता है और हरित क्रांति के माध्यम से भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में उनका हस्तक्षेप राष्ट्र निर्माण में एक मील का पत्थर है। सर्वोत्कृष्ट संस्था निर्माता, सर्वोपरि मानवतावादी, उन्हें "आर्थिक पारिस्थितिकी के जनक" के रूप में भी जाना जाता है, जो कि एक अत्यंत योग्य छद्म नाम है। कांग्रेस पार्टी उनके दृष्टिकोण, उनकी कड़ी मेहनत और इन राष्ट्रीय प्रतीकों की असाधारण विरासत की सराहना करती है, जिसका राष्ट्र ने हमेशा जश्न मनाया है।''








tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 9 फ़रवरी 2024 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 24 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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