नई दिल्ली: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में जारी सियासी घमासान के बीच लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ दिल्ली में मीटिंग की। मीटिंग के बाद पासवान ने कहा ,रामविलास पासवान को भारत रत्न मिले और बिहार में उनकी बड़ी प्रतिमा बनाई जाए|
लोजपा के नेता चिराग पासवान ने कहा , आज दिल्ली में हमारी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। हमने निर्णय लिया कि निष्कासित लोग पार्टी सिंबल का इस्तेमाल ना करे। हमने तय किया कि हमारे स्वर्गीय नेता और मेरे पिता रामविलास पासवान को भारत रत्न मिले और बिहार में उनकी बड़ी प्रतिमा बनाई जाए|
बता दें कि,'लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने तत्काल प्रभाव से सभी पुरानी लोजपा समितियों को भंग कर दिया| पशुपति कुमार पारस द्वारा लोजपा की सभी समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग करने के बाद शनिवार रात लोजपा नेता चिराग पासवान ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात भी की थी|
मालूम हो कि,लोक जन शक्ति पार्टी को लेकर चाचा और भतीजे में सियासी जंग तेज हो गई है| चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच पार्टी में वर्चस्व की जंग अब चुनाव आय़ोग की चौखट तक पहुंच गई है| दोनों ने खुद को पार्टी का असली नेता बताते हुए चुनाव आय़ोग का दरवाजा खटखटाया है|
शुक्रवार को चिराग पासवान खुद को लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने का दावा बताते हुए लोजपा के 5 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग पहुंचे थे | इससे पहले शनिवार को चिराग लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर अपना पक्ष रख चुके हैं| हालांकि ओम बिरला पिछले हफ्ते ही पशुपति पारस को लोकसभा मे जन शक्ति पार्टी के नेता के तौर पर मान्यता दे चुके हैं|
लोकसभा में इस पार्टी के छह सांसद है और इनमें से पांच पारस को अपना नेता मान चुके हैं| पारस गुट का कहना है जब चिराग अब पार्टी के अध्यक्ष हैं ही नहीं तो फिर वह कैसे राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुला सकते हैं| पशुपति पारस ने पार्टी के अध्यक्ष चुने जाने के बाद पुरानी कार्यकारणी भंग कर नई अस्थायी कमेटी बना दी है| अब दोनो गुटों ने पार्टी पर कब्जे के लिये चुनाव आयोग का दरवाजा खट खटाया है|
चिराग पासवान को हटाकर जहां पशुपति कुमार पारस संसदीय दल के नेता बन चुके हैं| वहीं चिराग पहले ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक बुलाकर सारे बागी सांसदों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा चुके हैं| वहीं बागी गुट ने पशुपति कुमार पारस को पार्टी अध्यक्ष भी घोषित कर दिया है| दोनों ही पक्ष राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अपने पक्ष में बहुमत होने का दावा कर रहे हैं| बिहार में कई जगहों पर दोनों गुटों ने शक्ति प्रदर्शन भी किया है| ऐसे में साफ दिख रहा है कि यह राजनीतिक जंग अभी खत्म नहीं होने वाली|