नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर देश के किसानों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए दिल्ली में मोर्चा डाल रखा है|किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर डटे हुए हैं| कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन लगातार छठे दिन भी जारी है|
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर(दिल्ली-हरियाणा) और दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है।दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बैरिकेडिंग को हटाने के लिए ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया।
बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की मांग कर रहे थे। लेकिन सरकार ने हमारे ऊपर तीन काले क़ानून थोप दिए।"
उधर केंद्र सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए विज्ञान भवन बुलाया है। किसानों के साथ बातचीत से पहले मंगलवार यानी आज गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा के आवास पर बैठक की|
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर में चल रही बैठक समाप्त हो चुकी है। अब राजनाथ सिंह की अगुवाई में सरकार किसानों से बातचीत करेगी। किसानों से बातचीत करने से पहले घंटों माथापच्ची करने के बाद अब गृहमंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जेपी नड्डा के घर से रवाना हो चुके हैं।
वही,''कांग्रेस ने किसान संगठनों के साथ केंद्र की सरकार की प्रस्तावित बातचीत से पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह आज ही कृषि से संबंधित तीनों ‘काले कानूनों’ को निलंबित करने और प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने की घोषणा करें। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि सरकार को सभी किसान संगठनों के साथ मन खोलकर बातचीत करनी चाहिए और बिना किसी दिखावे और पूर्वाग्रह के मामले का समाधान निकालना चाहिए।