मुख्य सामग्री पर जाएँ
24 अगस्त 2026

Delhi Chalo' Protest March: किसानों ने पानीपत टोल प्लाज़ा पर डाला डेरा, सुबह करेंगे दिल्ली कूच, बोले- कानूनों को रद्द करवाकर ही वापिस मुड़ेंगे चाहे छह महीने लग जाएं या साल

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों (Farm Laws) का विरोध नहीं थम रहा है| कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों को रोकने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किय…

Delhi Chalo' Protest March: किसानों ने पानीपत टोल प्लाज़ा पर डाला डेरा, सुबह करेंगे दिल्ली कूच, बोले- कानूनों को रद्द करवाकर ही वापिस मुड़ेंगे चाहे छह महीने लग जाएं या साल
Delhi Chalo' Protest March: किसानों ने पानीपत टोल प्लाज़ा पर डाला डेरा, सुबह करेंगे दिल्ली कूच, बोले- कानूनों को रद्द करवाकर ही वापिस मुड़ेंगे चाहे छह महीने लग जाएं या साल | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों (Farm Laws) का विरोध नहीं थम रहा है| कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों को रोकने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है।हरियाणा में धारा 144 लागू कर दी गई है|




हरियाणा के पानीपत टोल प्लाज़ा पर किसानों ने डेरा लगाया हुआ है। पंजाब के कपूरथला से एक किसान ने कहा, "हम हरियाणा वालों के साथ हैं जो ये कहेंगे हम वही करेंगे। कानूनों को रद्द करवाकर ही वापिस मुड़ेंगे चाहे छह महीने लग जाएं या साल। आज रात हम यहीं रुकेंगे और कल दिल्ली के लिए चलेंगे।"




एक प्रदर्शनकारी किसान ने कहा, “क्या हम आतंकवादी हैं कि हमें राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह लोकतंत्र की हत्या है। ”




कृषि बिलों के विरोध में आंदोलित किसान गुरुवार शाम को पानीपत पहुंच गए। पंजाब और हरियाणा के हजारों किसानों ने पानीपत टोल प्लाजा पर डेरा डाल दिया। ट्रालियों में भरकर लाई गई दाल-रोटी का टोल प्लाजा पर ही लंगर लगा दिया। किसान नेताओं ने शुक्रवार सुबह को किसान दिल्ली के लिए कूच करने की बात कही है।





कृषि बिलों के विरोध में गुरुवार को दिल्ली में किसानों ने आंदोलन का ऐलान किया था। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए पंजाब से किसान रवाना हुए। उनके साथ हरियाणा के किसान जुड़ते चले गए। किसानों को दिल्ली से पहले रोकने के लिए पंजाब-हरियाणा बॉर्डर के साथ अंबाला और करनाल में चार नाके लगाए गए थे। इन नाकों पर रोड़ी-रेत से भरे ट्रक और बड़े-बड़े पत्थर लगाए हुए थे। इसके साथ किसानों पर वाटर केनन से बौछार और आंसू गैस के गोले दागे गए। किसान सभी बाधाओं को पार करते हुए गुरुवार शाम पानीपत पहुंच गए। किसानों ने पानीपत टोल प्लाजा पर ही डेरा डाल दिया।




भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि वह हर हाल में दिल्ली पहुंचेंगे। सरकार ने हरियाणा में लाख बाधाएं डाली, लेकिन किसानों ने सभी को पार कर लिया। अब किसान आंदोलन का अलगा पड़ाव दिल्ली होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने बैरियर लगाकर किसानों पर वाटर केनन से बौछार और आंसू गैस के गोले दाग लिये हैं। अब किसान केवल गोली से रुक सकता है।





भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की केवल दो मांगें हैं। पहली कि तीनों कृषि बिलों को रद किया जाए और दूसरी, न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाया जाएगा।





दिल्ली आंदोलन में शामिल होने वाले पंजाब और हरियाणा के विभिन्न जिलों के किसानों ने पानीपत के सिवाह में इकट्‌ठा होने का प्लान बनाया था। इसकी सूचना पर सुबह से ही सिवाह में पुलिस-प्रशासन ने डेरा डाल लिया। दोपहर करीब दो बजे रोहतक से किसानों का रेला सिवाह पहुंचा और ट्रैक्टरों को दिल्ली की तरफ मोड़कर खड़ा कर लिया। इसके बाद उन्हें सूचना मिली कि करनाल में किसानों को रोका गया है तो किसानों ने दिल्ली के स्थान पर करनाल का रुख कर लिया। पुलिस-प्रशासन को उम्मीद थी कि करनाल पार करने के बाद किसान सिवाह में रुकेंगे। एसपी मनीषा चौधरी समेत पुलिस और प्रशासनिक अमला सिवाह में किसानों का इंतजार करता रहा, लेकिन किसानों ने पानीपत टोल प्लाजा पर ही डेरा जमा लिया।




किसान आंदोलन के कारण पानीपत पुलिस-प्रशासन ने करनाल से आने वाले भारी वाहनों को पहले ही रिफाइनरी मोड़ से डायवर्ट कर दिया था। पेप्सी पुल पर फ्लाइओवर को रोक दिया गया। सर्विस रोड से ही वाहनों को निकाला गया। दो बजे जैसे ही रोहतक के किसानों ने पानीपत में प्रवेश किया, जाम लगना शुरू हो गया। सिवाह से लेकर रिफाइनरी मोड़ तक हजारों की संख्या में वाहन जाम में फंसे रहे।





tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 26 नवंबर 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 24 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।