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26 अगस्त 2026

किसान आंदोलन: जंतर-मंतर पर किसानों ने शुरू की 'किसान संसद', APMC पर हुई चर्चा, कहा- कृषि कानूनों को संसद में करेंगे खारिज

नई दिल्ली: केंद्र द्वारा पारित नए कृषि कानूनों को लेकर पिछले साल नवंबर से प्रदर्शन कर रहे किसान गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जंतर-मंतर पहुंचे और इस कानून के खिलाफ अपना आंदोलन तेज किया। संसद में मान…

किसान आंदोलन: जंतर-मंतर पर किसानों ने शुरू की 'किसान संसद', APMC पर हुई चर्चा, कहा- कृषि कानूनों को संसद में करेंगे खारिज
किसान आंदोलन: जंतर-मंतर पर किसानों ने शुरू की 'किसान संसद', APMC पर हुई चर्चा, कहा- कृषि कानूनों को संसद में करेंगे खारिज | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: केंद्र द्वारा पारित नए कृषि कानूनों को लेकर पिछले साल नवंबर से प्रदर्शन कर रहे किसान गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जंतर-मंतर पहुंचे और इस कानून के खिलाफ अपना आंदोलन तेज किया। संसद में मानसून सत्र के बीच केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान जंतर-मंतर पर गुरुवार को प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने मध्य दिल्ली के चारों ओर सुरक्षा बढ़ा दी है और वाहनों की आवजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अधिकतम 200 किसानों को नौ अगस्त तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी है। संसद भवन इससे कुछ ही मीटर की दूरी पर है। 



'किसान संसद' की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा,''किसानों की बात संसद नहीं सुन रही है इसलिए सभी सांसदों को हमने चिट्ठी दिया है कि हमारे वोट से जीते हैं तो ऐसा करें कि हम वोट देते समय याद रखें। ईमानदार हैं तो हमारा सवाल उठाएं। आज हम यहां आए|



अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा,''यह 13 अगस्त तक लगातार चलेगा। प्रतिदिन 200 किसान सिंघु बॉर्डर से आएंगे और किसानों के मुद्दे पर चर्चा होगी। आज 3 कानूनों के पहले कानून APMC पर चर्चा हुई। इसके बाद हम कानून को संसद में खारिज करेंगे और संसद से अपील करेंगे कि 'किसान संसद' की बात मानकर कानून खारिज करे|



भारतीय किसान संघ के नेता राकेश टिकैत ने कहा,'''किसान अपनी संसद चलाएंगे। सदन में किसानों के लिए आवाज नहीं उठाने पर संसद सदस्यों (सांसदों) की उनके निर्वाचन क्षेत्रों में आलोचना की जाएगी: 



किसान नेता राकेश टिकैत ने जंतर मंतर पर कहा कि आज आठ महीने बाद सरकार ने हमें किसान माना है। किसान खेती करना भी जानता है और संसद चलाना भी जानता है। संसद में किसानों की आवाज दबाई जा रही है। जो सांसद किसानों की आवाज नहीं उठाएगा हम उसका विरोध करेंगे।



किसान संसद की शुरूआत में पहले तो आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी गई, उसके बाद किसानों नेताओं पर जो मुकदमे दायर किये गए हैं उन्हें वापस लेने की मांग उठी।। वहीं, पुलिसकर्मियों ने जंतर-मंतर को दोनों तरफ से सील कर दिया है। प्रदर्शन स्थल के आसपास मीडियाकर्मियों को भी प्रवेश की अनुमति नहीं मिल रही है।


इससे पहले किसान नेता मंजीत सिंह राय ने कहा,''पुलिस जानबूझकर यहां घुमा रही है। ये हमारा समय बर्बाद कर रहे हैं। हमारा रूट पहले से तय था। बसों के जरिए सिंघु बॉर्डर से जंतर मंतर जाना था फिर उतरकर पार्लियामेंट जाना था लेकिन कह रहे हैं कि कॉलोनी से जाए। इतने पुलिस बल की ज़रूरत नहीं थी| राय ने कहा,'''200 किसान संसद के आगे कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के लिए जाएंगे। जंतर मंतर पर हमारी बसें रुकेंगी वहां से हम पैदल जाएंगे। जहां पर भी हमें पुलिस रोकेगी वहीं पर हम अपनी संसद लगाएंगे। जिन किसानों के आईकार्ड बन गए हैं वे आगे जाएंगे|





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