नई दिल्ली: 'दिल्ली की कई सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 36वां दिन है। कड़कती ठंड, शीतलहर और घटता तापमान भी किसानों का हौसला नहीं तोड़ सका है। तीनों नए कानूनों को वापस लेने की जिद पर अड़े हैं किसान...केंद्र सरकार द्वारा पारित 3 कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग लेकर पिछले 35 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र सरकार बुधवार को छठे दौर की वार्ता की| सरकार और किसानों के बीच छठे दौर की बातचीत खत्म, अगली बैठक 4 जनवरी को होगी|
सिंघु बॉर्डर पर किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के सुखविंदर सिंह ने कहा ,''सरकार अभी मान नहीं रही कल भी वो हमें लाभ गिनवा रही थी इसलिए हम चाहते हैं कि वो जल्दी 3 कानून को रद्द करें न कि हमें समझाएं| सुखविंदर सिंह ने कहा,''सरकार को कल कानून और MSP के बारे में बात करना चाहिए था लेकिन उन्होंने बात नहीं की। 4 जनवरी को उम्मीद है,सरकार अभी मान नहीं रही कल भी वो हमें लाभ गिनवा रही थी इसलिए हम चाहते हैं कि वो जल्दी 3 कानून को रद्द करें न कि हमें समझाएं|
उधर,अमृतसर से कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में युवा बाइक से दिल्ली की ओर जा रहे हैं। एक युवा ने बताया, "हम दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसानों का समर्थन करने और हौसला देने जा रहे हैं। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि वो वहां अकेले नहीं हैं, हम लोग उनके साथ हैं।"
केंद्र सरकार और किसान संगठनों की बातचीत बुधवार को छठे दौर की वार्ता हुई है। अगली बैठक 4 जनवरी को होगी| इस वार्ता के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया था,'' किसान यूनियन ने जो चार मुद्दे रखे थे, उनमें से दो पर सरकार और यूनियन के बीच सहमति हो गई है। इसमें पहला मुद्दा पर्यावरण और पराली का है, जिस पर दोनों पक्ष रजामंद हो गए हैं। दूसरा मुद्दा बिजली का था, इस पर यूनियन की मांग थी कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली सब्सिडी जारी रखनी चाहिए। इस पर भी सरकार व यूनियन में सहमति हो गई है।
कृषि मंत्री ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि किसान यूनियन के नेताओं ने आंदोलन में पर्याप्त अनुशासन बनाए रखने का प्रयत्न किया है। मुझे विश्वास है कि वे आगे भी ऐसा करेंगे। तोमर ने कहा कि हम चार जनवरी को दोपहर दो बजे एक बार फिर मिलेंगे और एमएसपी पर चर्चा आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि हम पहले भी कहते रहे हैं कि एमएसपी जारी है और जारी रहेगी। तोमर ने कहा कि दिल्ली में ठंडे मौसम को देखते हुए हमने किसान नेताओं से अनुरोध किया है कि आंदोलन में शामिल बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को घर वापस भेज दें।
सरकार के साथ वार्ता के बाद माझा किसान संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने कहा कि,''सरकार ने 2 मांग मान ली हैं। हमारे 2 विषय रह गए हैं- MSP और 3 कृषि क़ानून। इन दोनों विषय पर 4 तारीख को 2 बजे बात होगी। उन्होंने कहा कि,''आज बहुत अच्छे माहौल में बैठक हुई|
ऑल इंडिया किसान सभा के अध्यक्ष बलकरण सिंह बराड़ ने कहा कि,''सरकार ने बिजली के प्रस्तावित बिल को वापिस ले लिया है। पराली के मामले में सरकार ने अध्यादेश जारी किया था, उसे भी वापिस ले लिया है। MSP और कृषि क़ानूनों पर 4 तारीख को बात होगी|बलकरण सिंह बराड़ ने कहा कि,''आज वार्ता सकारात्मक रही। सरकार कहती रही है कि हमें आंदोलन खत्म करना चाहिए और एक समिति बनानी चाहिए। लेकिन हमने उनकी बात नहीं मानी। हम अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे। हम कोई समिति नहीं बनाएंगे। हम अगले बैठक में एमएसपी पर चर्चा करेंगे
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ,''बैठक में पराली जलाने और बिजली से संबंधित मुद्दों को हल किया गया। हमारे 2 मुख्य मुद्दों को अभी भी हल करने की आवश्यकता है। हम 4 जनवरी को अगली बैठक में एमएसपी और 3 फार्म कानूनों को निरस्त करने से संबंधित विषयों पर चर्चा करेंगे|
राकेश टिकैत ने कहा,''हम कुछ तो संतुष्ट है। दो मांगों को मान लिया गया है। अगली बैठक में हम MSP और 3 क़ानूनों को लेकर सरकार से बात करेंगे। कल की ट्रैक्टर रैली को हमने स्थगित कर दिया है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा|उन्होंने कहा कि,'अब दो चीजें शेष रह गई हैं, उन पर चार जनवरी को बात होगी। तब तक किसानों का शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। आज अच्छे माहौल में बात हुई। सरकार ने आज हमारी दो बातें मान ली हैं। सरकार लाइन पर आई है, हम आज की वार्ता से खुश हैं।