नई दिल्ली: दिल्ली की कई सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 33वां दिन है।कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' के कार्यक्रम के दौरान थाली बज़ाकर विरोध दर्ज कराया|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। यह इस कार्यक्रम का 72वां और 2020 का आखिरी संस्करण था
जब रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2020 की आखिरी 'मन की बात' कर रहे थे, तो उसी समय दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान थाली बजा रहे थे। गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने मन की बात शुरू होते ही हाथों में ड्रम और थालियां लेकर बजाना शुरू कर दिया|
फिलहाल,''नए कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ आंदोलनकारी संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार को 29 दिसंबर को 11 बजे बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। इस बार नए कानूनों की वापसी की प्रक्रिया, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की प्रक्रिया, पराली और बिजली 2020 अधिनियम में राहत पर चर्चा करने का एजेंडा बनाया गया है।
दिल्ली की सीमा पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को एक महीने से ज्यादा हो गया है। सरकार और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत अब तक बेनतीजा रही है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने रविवार को कहा कि सरकार अड़ियल रवैया छोड़े, क्योंकि सशर्त बातचीत का कोई मतलब नहीं है। उनका कहना है कि अगर कानून वापस नहीं लिए जाते हैं तो आंदोलनकारी किसान भी घर वापस नहीं जाएंगे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विरोध कर रहे किसानों का रविवार को कविता के माध्यम से हौसला बढ़ाने की कोशिश की है। उन्होंने ट्वीट किया कि "वीर तुम बढ़े चलो, धीर तुम बढ़े चलो, वॉटर गन की बौछार हो, या गीदड़ भभकी हजार हो, तुम निडर डरो नहीं, तुम निडर डटो वहीं, वीर तुम बढ़े चलो, अन्नदाता तुम बढ़े चलो| वही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज शाम करीब छह बजे सिंघु बॉर्डर पहुंचेंगे। वहां जाकर वे प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात करेंगे।
यूपी गेट पर शनिवार को किसानों की संख्या 10 से 12 हजार हो गई। साथ ही आने वाले दिनों में संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है। यूपी बॉर्डर से लेकर नोएडा सेक्टर-62 तक एक्सप्रेसवे की एक साइड में किसानों का कब्जा है जो किसी भी वक्त पूरे एक्सप्रेसवे को जाम कर सकते हैं। शनिवार को युवा किसानों ने कुछ ही मिनटों पर 14 लेन पर चक्का जाम कर दिया, जिसे खुलवाने में ??ांच घंटे लग गए। आने वाले दिनों में यहां पर किसानों की संख्या और तेजी से बढ़ने की संभावना है।
गाजीपुर बॉर्डर(दिल्ली-यूपी बॉर्डर) पर आंदोलन कर रहे किसानों का साथ देने के लिए अब छोटे-छोटे बच्चे भी पहुंच गए हैं। बच्चों का कहना है कि उनके घर के बड़े बुजुर्ग प्रदर्शन पर पैठे हैं। सर्दियों की छुट्टियों के कारण उनकी क्लास भी बंद है। ऐसे में वे प्रदर्शन स्थल पर ही अपनी छुट्टियां बिताएंगे।